परिजनाें ने कहा:समय पर थानाध्यक्ष ने की होती कार्रवाई तो बच जाती विश्वनाथ की जान

कलुआहीएक महीने पहले
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राेते-बिलखते परिजन। - Dainik Bhaskar
राेते-बिलखते परिजन।

थाना क्षेत्र के बक्शीटोल के वार्ड 5 में विश्वनाथ साफी उम्र 62 वर्ष को गांव के ही रामप्रीत शर्मा ने मार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। कलुआही पीएचसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बहू ने बताया कि उनके ससुर अपने बगीचा वाली जमीन पर बास काटकर एक झोपड़ी बना रहे थे।

उसी दौरान गांव के ही विकास शर्मा व जयपाल साहू ने पीछे से फटाका बम जलाकर उनके पीछे फेक दिया। जिस पटाखा बम के फटने से उनके धोती में आग लग गया। जिसे परिजनों ने उठाकर पीएचसी ले जाकर इलाज कराया। उसके बाद थानाध्यक्ष प्रेम राज पुरुषोत्तम देव को सारी बातों से अवगत कराते हुए आवेदन दिया।

उसके बाद विश्वनाथ साफी, उनके बहू और परिजन थानाध्यक्ष को आवेदन देने के बाद अपने घर बख्शी टोल पहुंचा। उनकी बहू ने बताया कि वह लोग जैसे ही घर पहुंचे तो रामप्रीत शर्मा, रंजीत शर्मा, विकास शर्मा, अजय शर्मा, मिथिला देवी सभी उनके दरवाजे पर आकर गाली गलौज करने लगा। उन्होंने कहा कि थाना जाकर क्या होगा और थानेदार क्या कर लेंगे। यह कहते हुए वह लोग उनके आंगन में घुसकर विश्वनाथ साफी से मारपीट करते हुए नीचे पटक दिया। उसके छाती पर बैठकर मुक्का से मारने लगा।

तब तक मारता रहा जब तक विश्वनाथ साफी अधमरा नहीं हो गया। इसके बाद आस पड़ोस के लोग आएं तो वह लोग भाग गया। फिर परिजनों ने विश्वनाथ साफी को दोबारा पीएचसी ले गए। जहां चिकित्सक ने जख्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार कर मधुबनी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन पीएचसी से निकलते समय है जख्मी विश्वनाथ की मौत हो गई। मृतक का एक पुत्र ललित साफी 42 वर्ष है जो बाहर रहकर जीविकोपार्जन के लिए प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। एक पुत्री शादीशुदा हैं।

मृतक अपने पीछे चार पौत्र एवं एक पौत्री के साथ पूरा परिवार छोड़ कर गए हैं। मृतक के परिजन ने थानाध्यक्ष प्रेमराज पुरुषोत्तम देव पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर थानाध्यक्ष इस मामला को गंभीरता से लेते और घटनास्थल पर पहुंचकर मामला को देखते तो यह घटना नहीं होता।

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