मांग:रिजल्ट के बाद भी नहीं थम रहा रेलवे जेई का मामला, रद्द् करने की कर रहे मांग

जमालपुरएक महीने पहले
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  • सपाध्यक्ष ने पीएम व मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर लगाई न्याय की गुहार

अप्रैल के दूसरे सप्ताह में जमालपुर रेल कारखाना में विभागीय पदोन्नति के लिए ली गई जेई की परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद भी जेई की परीक्षा में व्याप्त धांधली का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां असफल अभ्यर्थी रेलवे के वरीय अधिकारी के पास गुहार लगा रहे हैं, तो वहीं रेलवे के सवालों को लेकर वर्षों से संघर्षरत विभिन्न राजनीतिक सामाजिक संगठनों की संयुक्त आवाज जमालपुर रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोर्चा के संयोजक सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव इस परीक्षा में रेलवे अधिकारी पर धांधली का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे रद्द करने की मांग पर अड़े हैं। मोर्चा के संयोजक सपा जिलाध्यक्ष पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, रेल मंत्री एवं रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को पत्र लिख परीक्षा के विसंगतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि रेलवे अधिकारी इस परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूल कर प्रधानमंत्री के प्रेरणादाई सूत्र वाक्य “ना खाऊंगा ना खाने दूंगा “ की खिल्ली उड़ा कर राष्ट्रद्रोह का काम किया है। उन्होंने पत्र में कहा कि जमालपुर कारखाना में विभागीय पदोन्नति के लिए ली गई जेई की 43 सीटों के लिए ली गई परीक्षा महज रस्म थी। बाकी सब पहले से तय था। जिसकी शिकायत जब पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक से की गई तो उन्होंने दूध की रखवाली बिल्ली से कराने का फैसला लेते हुए सीडब्ल्यूएम को जांच का जिम्मा सौंपा। जिसके इशारे पर ही करोड़ों रुपए की वसूली की गई थी। आखिर बिल्ली दूध की रखवाली कब तक कर पाती। अन्नत: परिणाम सिफर रहा और 14 मई रविवार को परिणाम चस्पा दिया गया, जो योग्य अभ्यर्थी के साथ अन्याय है। पप्पू यादव ने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि अगर यह परीक्षा रद्द नहीं हुई तो अधिकारी अपने मंसूबे में सफल हो जाएंगे और फिर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

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