सुविधा:बिहार का पहला और देश का दूसरा वानिकी कॉलेज बनकर तैयार, अब उद्घाटन का इंतजार

मुंगेरएक महीने पहले
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तैयार वानिकी कॉलेज, कालेज का निरक्षण करते डीएम। - Dainik Bhaskar
तैयार वानिकी कॉलेज, कालेज का निरक्षण करते डीएम।
  • अब देश भर के शोधार्थी फॉरेस्ट्री और एग्रीकल्चर में कर पाएंगे शोध, लगभग 231 करोड़ हुए खर्च

मुंगेर में सदर प्रखंड स्थित श्रीमतपुर पंचायत में 25 दिसंबर 2019 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 96 एकड़ में बने रहे वानिकी कॉलेज का शिलान्यास किया था। अब यह कॉलेज पुर्णत: बनकर तैयार हो गया है। कॉलेज निर्माण में लगभग 231 करोड़ 83 लाख 32 हजार की लागत है। उद्धाटन के बाद वानिकी कालेज में शीघ्र ही देश भर के शोधार्थी शोध करेंगे। इसमें शोधार्थियों के लिए शोधार्थी भवन, विज्ञानियों के लिए क्लास रूम, प्रयोगशाल, आवास का लगभग कार्य पूरा कर लिया गया। अब यह कॉलेज उद्घाटन के लिए इंतजार कर रहा है। हालांकि विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक वानिकी कॉलेज का उद्घाटन आगामी जून महीने में 10 तारीख के अंदर हो सकती है। जिस की तैयारी को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी अब लगातार कॉलेज का दौरा करने लगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा कॉलेज का उद्घाटन किया जाएगा। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी के द्वारा अब तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
कृषि शिक्षा का एक आधुनिक केंद्र होगा
बता दें कि बिहार में वानिकी कॉलेज एक अपने ढंग का अलग कॉलेज होगा। कालेज न सिर्फ पर्यावरण, कृषि शिक्षा का एक आधुनिक केंद्र होगा, बल्कि इसकी सुंदरता और व्यवस्था देखते ही बनेगी। इसकी आधारभूत संरचना भी देश-दुनिया के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करेगी। योग विद्यालय की तरह इसकी भव्यता और सुंदरता को देखकर भी लोग मुग्ध होंगे। वहीं मुंगेर विधायक प्रणव कुमार ने बताया की यह अपने तरह का एक अलग महाविद्यालय होगा। जहां छात्र न सिर्फ फारेस्ट्री और एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर पाएंगे बल्कि उस पे शोध भी कर पाएंगे। आज जो छात्र दूसरे देश के अलावा अन्य राज्यों में जा के पढ़ाई करते है। वो पलायन भी रुकेगा और यह कॉलेज मुंगेर को एक और गति प्रदान करेगा।

मुंगेर के श्रीमतपुर पंचायत में तैयार वानिकी कॉलेज।
मुंगेर के श्रीमतपुर पंचायत में तैयार वानिकी कॉलेज।

सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स की होगी पढ़ाई

बता दें कि यह वानिकी कॉलेज में फारेस्ट्री, बीएससी फारेस्ट्री, एमएससी पर्यावरण विज्ञान में सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होगी। राज्य सरकार के द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से इसके लिए छात्रों का चयन किया जाएगा। वानिकी कालेज बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अधीन है। कालेज में प्राचार्य शिक्षकों की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर की जाएगी। कॉलेज के अस्तित्व में आने से मुंगेर ही नहीं, बल्कि राज्यभर में वानिकी को बढ़ावा मिलेगा। युवा पीढ़ी वन विकास के लिए प्रेरित होंगे। इस मामले में रिटायर्ड प्रोफेसर मंसूर अहमद नियाजी ने बताया की वनों को विकसित करना और वनों का प्रबंधन करना ही फॉरेस्ट्री है। फॉरेस्ट्री की पढ़ाई में यह कॉलेज मिल का पत्थर साबित होगा। यहां छात्र कई प्रकार के शोध कर सकेगें। कृषि के क्षेत्र और वन के क्षेत्र में अब बच्चो को कहीं दूर जा के पढ़ने को आवश्यकता नहीं होगी। इधर वानिकी कॉलेज में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा लगातार दौरा करने के बाद जिले वासियों में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। लोगों का कहना है वानिकी कॉलेज का अगर जल्द उद्घाटन हो जाता है तो पूरे प्रमंडल क्षेत्र में मुंगेर की एक अलग पहचान बनेगी।

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