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हौसले को सलाम:करंट लगने से दोनों हाथ काटने पड़े पर हिम्मत नहीं हारी पैर से दे रहे बीए की परीक्षा, आईएएस बनने का सपना

तारापुरएक महीने पहले
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स्नातक की परीक्षा पैर से लिखकर देते नंदलाल। - Dainik Bhaskar
स्नातक की परीक्षा पैर से लिखकर देते नंदलाल।
  • विपरीत परिस्थितियों के बावजूद नंदलाल ने नहीं हारी हिम्मत, दूसरों के लिए बने मिसाल

अगर हौसला बुलंद हो तो लोग विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जीने की राह को आसान बना लेते हैं। ऐसा ही एक शख्स है हवेली खड़गपुर नगर क्षेत्र के संत टोला निवासी अजय कुमार साह और बेबी देवी का दिव्यांग पुत्र नंदलाल कुमार। नंदलाल के दोनों हाथ नहीं हैं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बिजली के करंट की चपेट में आने से दोनों हाथ गंवाने वाले नंदलाल अपनी मेधा और आत्मबल के बूते नई इबारत लिख रहे हैं। दिव्यांग नंदलाल बीए पार्ट वन की परीक्षा आरएस कॉलेज तारापुर में दे रहा है। नंदलाल हाथ नहीं होते हुए भी पैर से परीक्षा में लिखते हैं। पिता अजय साह संत टोला के समीप एक गुमटीनुमा दुकान चलाते हैं। नंदलाल ने 2019 में इंटरमीडिएट साइंस की परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण की है। उसे 500 अंकों में 325 अंक प्राप्त हुए हैं। नंदलाल ने भौतिकी में 67, गणित में 60 और रसायन में 73 अंक प्राप्त किए थे। वर्ष 2017 में दिव्यांग नंदलाल ने मैट्रिक की भी परीक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर खड़गपुर को सम्मान दिलाने के साथ अन्य लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया था।

नंदलाल ने कहा-दादाजी ने दी हिम्मत
नंदलाल ने बताया कि 2006 में बिजली के करंट लगने से दोनों हाथ कट गए। दादाजी ने हिम्मत दी और पैर से लिखने सिखाया। 2017 में मैट्रिक प्रथम श्रेणी से पास किया। तत्कालीन एसडीओ संजीव कुमार ने एक लाख की राशि दी थी। मेरा लक्ष्य बीए करने के बाद बीएड की पढ़ाई करने का है। मैंने आईएएस बनने का लक्ष्य रखा है पर परिवार की आर्थिक स्थिति खस्ता होने के कारण इसमें दिक्कत हो रही है।

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