मुंगेर सदर अस्पताल में 10 दिनों से सड़ रहा मुर्दा:अस्पताल प्रशासन एवं पुलिस के बीच मतभेद, उपाधीक्षक ने एसपी को लिखा पत्र

मुंगेर5 महीने पहले
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़ा शव।

सदर अस्पताल प्रशासन एवं पुलिस के बीच मतभेद के कारण पोष्ट मार्टम हाउस में 10 दिनों से सड़ रहा एक मुर्दा। इस मामले में सदर अस्पताल उपाधीक्षक ने एसपी को लिखा पत्र। जानकारी के अनुसार खगड़िया निवासी 61 वर्षीय पारस यादव पिता फुलेश्वर यादव का देहांत के दस दिन पहले 01 मई की शाम 07:10 बजे इलाज के क्रम में सदर अस्पताल में मौत हो गया। पारस यादव विगत 27 अप्रैल 2022 को इलाज के लिय सदर अस्पताल में भर्ती हुए थे। जिनकी इलाज के दौरान 01 मई को मौत हो गई थी।

बताते चलें कि पारस यादव के निधन के बाद उसके परिजन पारस यादव के शव को छोड़ कर चले गए थे। इसके बाद अस्पताल उपाधीक्षक ने इस मामले में कार्रवाई करते हुएं कोतवाली थानाध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा था कि पुलिस अपने स्तर से पारस यादव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना सुनिश्चित करे। पर कोतवाली पुलिस ने यह कह कर स्वीकार नहीं किया कि शव लावारिश नहीं है तथा यह किसी दूसरे जिले से संबंधित मामला है। ऐसे में पारस यादव के निधन के 10 दिन बीत जाने के वाबजूद उसके शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। जबकि पारस यादव के परिजन भी अब तक उसके शव को नहीं ले गए हैं।

हालांकि इस मामले में सदर अस्पताल प्रबंधन ने एसपी जगुनाथ रेड्डी जला रेड्‌डी को पत्र लिख मृतक पारस यादव का विधिवत रुप से अंतिम संस्कार कराने का आग्रह किया है। एसपी को लिखे पत्र में अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा है कि पारस यादव के निधन के बाद जब उसके परिजन शव को छोड़ चले गए जो इसकी सूचना लिखित रुप से कोतवाली पुलिस को दी गई। लेकिन कोतवाली पुलिस ने पत्र लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में विगत दस दिनों से पारस यादव का शव सदर अस्पताल के शवगृह में पड़ा हुआ है। जिस की स्थिति काफी ज्यादा खराब हो चुकी है। शव से बदबू आने के कारण उस पथ से आवागमन करने वाले राहगीर ने प्रशासन से शव को अंतिम संस्कार कराने की मांग की है।