सुनवाई:लोक अदालत में 607 वादों का हुआ निष्पादन

मुंगेर2 महीने पहले
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राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्धाटन करते जिला जज सहित अन्य। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्धाटन करते जिला जज सहित अन्य।
  • निपटाए विवाद , जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने एडीआर भवन में लोक अदालत कार्यक्रम का किया आयोजन

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शनिवार को एडीआर भवन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार पांडेय ने तथा संचालन डालसा सचिव राजीव नयन ने किया। मौके पर डालसा के उपाध्यक्ष सह डीएम नवीन कुमार, एसपी सह सदस्य जगुनाथ रेड्डी जला रेड्‌डी भी मौजूद थे। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलहनीय वादों से संबंधित बैंकिंग, दावा एवं बीमा वाद, वन वाद, सुलहनीय आपराधिक एवं दीवानी वाद, राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले, पेंशन मामले, वैवाहिक वाद, मोटरयान दुर्घटना वाद, विद्युत वाद, पानी विपत्र, दूरभाष वाद, श्रम एवं मजदूरी वाद से संबंधित कुल 999 वादों की सुनवाई की गई तथा कुल 607 वादों का निष्पादन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों के निष्पादन के लिए कुल 12 बेंचों का गठन किया गया था। जिसमें बेंच नंबर एक में सुजित कुमार सिंह प्रधान न्यायाधीश, बेंच नंबर दो सुनील दत्त पांडेय एडीजे द्वितीय, बेंच नंबर तीन में खुशबू श्रीवास्तव एसीजेएम प्रथम, बेंच नंबर चार में सौरभ कुमार, एसीजेएम द्वितीय, बेंच नंबर पांच में अखिलेश पांडेय एसीजेएम चतुर्थ, बेंच नंबर छह में विमलेश कुमार एसउीजेएम, बेंच नंबर सात में पल्लवी मौर्या जेएम प्रथम श्रेणी, बेंच नंबर आठ में अनूप कुमार उपाध्याय जेएम प्रथम श्रेणी, बेच नंबर नौ में ब्रज किशोर चौधरी जेएम प्रथम श्रेणी, बेंच नंबर दस में सोनम कुमारी, जेएम प्रथम श्रेणी, बेंच नंबर ग्यारह में मोनिका कुमारी जेएम प्रथम श्रेणी एवं बेंच नंबर बारह में शिखा कुमारी जेएम प्रथम श्रेणी ने वादों की सुनवाई की।

दोनों पक्षाें की होती है जीत : जिला जज
अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को संबोधित करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि नालसा द्वारा इस राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया है। इसके माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर मामले का निष्पादन किया गया है। इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। सचिव राजीव नयन ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक वादाें का निष्पादन किया जाता है।

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