स्वास्थ्य विभाग का दावा:कोविड केयर अस्पताल में हो रही जीएनएम की पढ़ाई, पाइप कटने के बाद ऑक्सीजन ठप

मुंगेरएक महीने पहले
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बेकार पड़ा कोविड केयर अस्पताल। - Dainik Bhaskar
बेकार पड़ा कोविड केयर अस्पताल।
  • ओमीक्रोन के शिकार लोग सिर्फ सर्दी, बुखार की चपेट में आएंगे
  • 100 बेड का है कोविड केयर अस्पताल, सदर अस्पताल में सिर्फ शोभा है ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना संक्रमण के चौथे लहर ने जिले में दस्तक दे दिया है। शहर के नीलम सिनेमा सुभाष नगर निवासी एक डॉक्टर कोरोना संक्रमण का शिकार होकर होम आइसोलेशन में हैं। उनके संपर्कियों का कोरोना जांच स्वास्थ्य विभाग कर रहा है। संक्रमित डाक्टर के संपर्कियों के जांच रिपोर्ट के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो सकता है। परंतु जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। पूरबसराय स्थित हाजीसुजान में खुला 100 बेड के कोविड केयर अस्पताल में हाल के दिनों में जीएनएम स्कूल संचालित हो रहा है,जहां जीएनएम की छात्राएं निवास भी कर रही हैं। सदर अस्पताल का भवन भी टूट रहा है, अस्पताल में एकभी आइसोलेशन वार्ड ऐसा नहीं है, जहां संक्रमित मरीज को रख कर इलाज किया जा सके। इसके अलावा सदर अस्पताल में पीएम केयर फंड से बने 01 हजार एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट का पाइप कनेक्शन काट दिए जाने के कारण ऑक्सीजन प्लांट भी बेकार हो गया है। जीएनएम स्कूल में आईटीसी द्वारा लगा एक यूनिट ऑक्सीजन प्लांट खराब है।

एक ऑक्सीजन प्लांट बेकार हो चुका तो एक प्लांट पाइप कटने से खराब है

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सदर अस्पताल में पीएम केयर फंड से 01 हजार एलपीएम क्षमता का तथा जीएनएम स्कूल में आईटीसी की ओर से 850 एलपीएम का 05 ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। हाजी सुभान स्थित जीएनएम स्कूल में वर्ष 2021 के अप्रैल माह में आईटीसी द्वारा लगाए गए 02 ऑक्सीजन प्लांट से पूरे जीएनएम स्कूल में 100 बेड तक पाइपलाइन के सहारे ऑक्सीजन पहुंचाया गया था। जिसमें से 350 एमएलटी का 01 प्लांट कई दिनों से खराब पड़ा है। सदर अस्पताल में 1 हजार एमएलटी का ऑक्सीजन प्लांट वर्तमान में शोभा की वस्तु बन कर रह गया है। 100 बेड के मॉडल अस्पताल निर्माण के लिए पुराना भवन तोड़ने के दौरान ऑक्सीजन प्लांट का पाइप लाइन काट दिये जाने के कारण ऑक्सीजन प्लांट शोभा की वस्तु बन कर रह गया है।

जिला में भयावह नहीं होगा कोरोना का संक्रमण
सिविल सर्जन डा.आनंद शंकर शरण सिंह दावा करते हैं कि जिले में शत प्रतिशत लोग कोरोना वैक्सीन का डोज ले चुके हैं। ऐसे में जिला में कोरोना वायरस का संक्रमण भयावह नहीं होगा। ओमीक्रोन वायरस का शिकार होकर लोग सर्दी बुखार की चपेट में आएंगे। जिनका इलाज होम आइसोलेशन में ही कर दिया जाएगा। वैसे राज्य द्वारा निर्देश दिया गया है कि अगर गंभीर मरीज पहुंचते हैं या मरीज की संख्या में बढ़ोतरी होती है तो पूरबसराय हाजीसुभान स्थित जीएनएम स्कूल को बंद कर पुन: वहां कोविड केयर अस्पताल संचालित किया जाएगा। फिलहाल जीएनएम स्कूल स्थित कोविड केयर अस्पताल के को स्टैंडबाई मोड में रखा गया है।

सिर्फ अस्पताल व रेलवे स्टेशन पर चल रही जांच

राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा 19 अप्रैल को पत्र जारी कर जिले में कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया था। राज्य से बाहर से आने वाले प्रवासियों का बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड-19 जांच नियमित रूप से शुरू करने का निर्देश दिया गया था। रेलवे स्टेशन और अस्पताल को छोड़कर अन्य स्थानों पर नियमित कोरोना जांच शुरू नहीं किया जा सका है। जिले में 19 अप्रैल से लेकर अबतक औसतन प्रतिदिन 12 सौ लोगों का कोरोना जांच हो रहा है।

जीएनएम स्कूल कोविड केयर हॉस्पीटल बना है

फिलहाल जिले में कोरोना संक्रमित एक मरीज हैं जो होम आइसोलेशन में हैं। जीएनएम स्कूल कोविड केयर हॉस्पीटल को स्टैंड बॉय मोड में रखा गया है। राज्य के निर्देश के अनुसार संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने पर जीएनएम स्कूल बंद कर पुन: उसे कोविड केयर अस्पताल बना कर संक्रमितों का वहां इलाज किया जाएगा। लेकिन जिले में शत प्रतिशत लोग वैक्सीन ले चुके हैं, ऐसे में संक्रमण के भयावह नहीं होगा।
-डॉ. आनंद शंकर, सीएस।

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