अव्यवस्था:सदर अस्पताल जा रहे हैं तो स्ट्रेचर पकड़ने अपने साथ ले जाएं 4-5 लोग

मुंगेर2 महीने पहले
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सदर अस्पताल में स्ट्रेचर पर उठाकर मरीज को ले जाते परिजन। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में स्ट्रेचर पर उठाकर मरीज को ले जाते परिजन।
  • इमरजेंसी में 3 पालियों में हुई वार्ड ब्यॉय की तैनाती पर अक्सर रहते हैं गायब
  • वार्ड ब्वॉय सेवा भावना से काम करने में करते हैं आनाकानी : उपाधीक्षक

अगर आप किसी गंभीर बीमार मरीज को इलाज कराने के लिए सदर अस्पताल जा रहे हैं तो स्ट्रेचर पकड़ने के लिए अपने साथ चार पांच लोगों को लेकर जइए। क्योंकि अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में वार्ड ब्वाय द्वारा स्ट्रेचर पकड़ने में सहयोग नहीं किये जाने पर मरीज को किसी भी तरह की जांच के लिए ले जाने या इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किए जाने की स्थिति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इमरजेंसी वार्ड में कोई भी गंभीर मरीज जब भर्ती होता है तो चिकित्सक के परामर्श पर मरीज को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन या अन्य तरह की जांच के लिए पैथोलॉजी जांच घर या अन्य स्थानों पर स्ट्रेचर की सहायता से ले जाया जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड से इंडोर वार्ड में शिफ्ट होने पर भी गंभीर मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाया जाता है। गंभीर मरीज को किसी तरह की जांच के लिए ले जाने या इंडोर वार्ड में शिफ्ट करने के लिए इमरजेंसी वार्ड में 03 पाली में दो-दो वार्ड ब्वाय की तैनाती की गई है। लेकिन वार्ड ब्वॉय इमरजेंसी में रहते ही नहीं हैं। अगर कभी कोई वार्ड ब्वाय रहता भी है तो मरीज का स्ट्रेचर पकड़ने मंे यह कहते हुए असमर्थता जताता है कि अकेली उससे स्ट्रेचर नहीं उठ पाएगा। ऐसे में मरीज के परिजन खुद स्ट्रेचर पकड़ कर या मरीज को गोद में उठाकर जांच घर या वार्ड शिफ्ट कराने ले जाते हैं। अस्पताल उपाधीक्षक डा.रामप्रवेश भी मानते हैं कि वार्ड ब्वॉय मरीजों की सेवा भावना से काम करने में आनाकानी करते हैं। उन्होंने कहा कि परिजन लिखित शिकायत करेंगे तो कार्रवाई जरूर होगी।

मरीज को स्ट्रेचर पर खुद उठाकर ले जाते हैं परिजन
शनिवार को सदर अस्पताल में ऐसा ही नजारा देखने को मिला। दरअसल बरियारपुर में मैजिक वाहन दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 03 लोगों को इलाज के लिए शनिवार को सदर अस्पताल लाया गया था। जिसमें से अमित नामक मरीज की स्थिति नाजुक थी। इमरजेंसी वार्ड में डाक्टर ने इलाज के बाद उसे सिटी स्कैन करवाने के लिए लिखा। इमरजेंसी वार्ड से सिटी स्कैन के लिए ले जाने के लिए परिजनों को समय पर स्ट्रेचर तक नहीं मिल सका। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने जब स्ट्रेचर खोज कर लाया तो स्ट्रेचर उठाने के लिए वार्ड बॉय नहीं मिला। इसके बाद परिजन खुद स्ट्रेचर उठाकर मरीज का सीटी स्कैन कराने ले गए। परिजनों ने बताया स्ट्रेचर उठाने के लिए वार्ड ब्वाय से ले जाने के लिए अनुरोध किया लेकिन अकेले होने की बात कहकर उसने स्ट्रेचर नहीं उठाया।

सभी वार्ड में दो-दो वार्ड ब्वाय हैं तैनात
अस्पताल प्रबंधन द्वारा इमरजेंसी वार्ड, आईसीयू वार्ड, प्रसव वार्ड के अलावा इंडोर पुरूष व महिला वार्ड में तीनों शिफ्ट में दो-दो वार्ड ब्वाय को तैनात किया गया है। जिनका काम वृद्ध या असहाय मरीज को स्ट्रेचर के सहारे वार्ड में शिफ्ट कराने या जांच के लिए जांच घर या अन्य स्थानों पर ले जाने में सहयोग करना है। लेकिन वार्ड ब्वाय सेवा भावना से काम नहीं करते हैं। इंचार्ज रविन्द्र कुमार ने सख्त हिदायत दिया गया है कि सभी वार्ड ब्वाय अपने कार्यकलाप में सुधार लाएं।

शिकायत करें परिजन तो होगी कार्रवाई
सदर अस्पताल में पर्याप्त संख्या में रोस्टर वाइज वार्ड बॉय तैनात हैं। यह सही है कि वार्ड ब्वाय कर्तव्य में लापरवाही बरतते हैं। लेकिन किसी ने लिखित शिकायत नहीं किया है। - रामप्रवेश सिंह, अस्पताल उपाधीक्षक, मुंगेर।

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