मुंगेर पुलिस को मिला 6 इमरजेंसी रिस्पांस वाहन:112 डायल कर शिकायत करने पर 10 मिनट में पहुंचेगी पुलिस

मुंगेरएक महीने पहले

इमरजेंसी रिस्पांस स्पोर्ट सिस्टम (इआरएसएस) योजना के तहत मुंगेर जिले की पुलिस को 6 इमरजेंसी रिस्पांस वाहन (इआरभी) दिया गया है। जो डायल 112 पर शिकायत मिलने के 10 मिनट में मुंगेर पुलिस घटना स्थल पर रहेगी। वाहनों को थाना स्तर पर बांटा गया है। जबकि वाहन चालकों को इस वाहन में दिये गये तकनीक के इस्तेमाल के लिए ट्रैनिंग दिया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि इआएसएस प्रोजेक्ट के तहत डायरल 112 के लिए 6 वाहन और 18 चालक मुंगेर जिला पुलिस को मिली है. इन गाड़ियों को 6 थानों को दिया गया है। कोतवाली थाना, वासुदेवपुर ओपी, पूरबसराय ओपी, कासिम बाजार थाना, जमालपुर एवं ईस्ट कॉलोनी थाना में ये गाड़ियों रहेंगी. इन वाहनों को ऑपरेट करने के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जबकि इन वाहनों का ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद पुलिस के विलंब से पहुंचने की शिकवा व शिकायत अब लोगों को नहीं रहेगी।

किसी प्रकार की इमरजेंसी होने पर सिर्फ 112 पर डायल क्वींक रिस्पांस टीम कुछ ही मिनटों में आपके पास होगी। सूचना के शहर में सूचना के 5 मिनट में ही टीम सूचना स्थल पर पहुंचेगी। जबकि मुख्य बाजार के बाहर 10 से 15 मिनट में टीम घटना स्थल पर पहुंच कर कार्रवाई प्रारंभ कर देगी। किसी प्रकार की पुलिस सहायता, अग्नि शमन संबंधी सहायता एवं मेडिकल हेल्प संबंधी सहायता इस एक नंबर पर उपलब्ध रहेगी।

बताया जाता है कि पुलिस मुख्यालय से यह सिस्टम ऑपरेट होगा. जबकि पुलिस लाइन में जिला कंट्रोल रूम बनाया गया है. जिसका नोडल अधिकारी हेड क्वार्टर डीएसपी को बनाया गया है। जबकि फिलिट मैनेजर पुलिस अवर निरीक्षक कमल किस्कू को बनाया गया. अगर कोई भी व्यक्ति 112 डॉयल करता है तो वह सीधे पटना में बने कंट्रोल यूनिट में एटेंड होगा. जहां से तत्काल नाम, पता, मोबाइल नंबर के साथ जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराया जायेगा। जहां से इमरजेंसी रिस्पांस वाहन में बैठे पुलिसकर्मियों को पूरा नाम-पता के साथ लोकेशन मिल जायेगा। जो तत्काल पीडित के मदद को पहुंचेगी।

बताया जाता है कि डायल 112 नंबर वाले पुलिस क्वीक रिस्पांस टीम के वाहन पर तीन शिफ्ट में पुलिसकर्मियों की ड‍्यूटी रहेगी. इसमें एक पुलिस पदाधिकारी, दो से चार की संख्या में पुलिस के जवान बारी-बारी से ड‍्यूटी करेंगे. इस वाहन पर जिन पुलिसकर्मियों की ड‍्यूटी लगाई जायेगी। वैसे पुलिसकर्मियों को 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस वाहन पर वैसे पुलिसकर्मियों को तैनात किया जायेगा जो तकनीकी मामले में दक्ष होंगे।अभी पुलिस के लिए 100, एम्बुलेंस के लिए 108 और आग लगने पर फायरबिग्रेड की मदद के लिए 101 नम्बर डायल करना पड़ता है। लेकिन अब इन आपातकालीन सेवाओं के लिए सिर्फ 112 नम्बर ही डॉयल करना होगा. यह व्यवस्था काफी हाईटेक है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से इसे जोड़ा गया है। इससे फोन करनेवाले का लोकेशन भी उसके कॉल के साथ कमांड सेंटर को मिल जायेगा इससे रिस्पांस टाइम कम लगेगा।