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BJP नेता ने पत्नी को गोली मारकर की खुदकुशी:मुंगेर का मेयर बनाना चाहता था, पत्नी ने कहा था- अब थक गई हूं.. प्रचार नहीं करना

मुंगेर2 महीने पहले
भाजपा नेता अरुण यादव पत्नी प्रीति के साथ। (फाइल)

मुंगेर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बीजेपी नेता ने अपनी पत्नी को गोली मार कर हत्या कर दी। फिर खुद को भी गोली मार ली। घटना कोतवाली थाना के लाल दरवाजा की है। बताया जा रहा है कि BJP नेता अरुण यादव पत्नी से सिर्फ इसलिए नाराज था क्योंकि वह मेयर के लिए चुनाव प्रचार में नहीं जाना चाहती थीं। अरुण BJP के OBC मोर्चा में उपाध्यक्ष थे। वहीं पत्नी प्रीति कुमारी मुंगेर नगर निगम के होने वाले चुनाव में मेयर पद की प्रत्याशी थीं।

दरअसल, लाल दरवाजा मोहल्ला स्थित BJP नेता के घर से शाम 6 बजे लगातार दो गोली चलने की आवाज आई। आनन-फानन में लोग उनके घर के तरफ दौड‍़े। वहां जाकर देखा तो पता चला कि BJP नेता के बेड रूम से गोली चलने की आवाज आई। उनके बेड रूम के पास गए तो देखा कि बेड रूम अंदर से बंद था। जब खिड़की से झांक कर देखा तो दोनों पति-पत्नी का शव रूम में पड़ा था।

कोतवाली थानाध्यक्ष डीके पांडेय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंचे। कमरे से दोनों का शव बरामद हुआ है। दोनों के सिर में गोली लगी है। घटना स्थल से दो देसी कट्टा बरामद किया गया।

दंपती की मौत के बाद घर के पास जुटी भीड़।
दंपती की मौत के बाद घर के पास जुटी भीड़।

पति का शव बिस्तर पर, पत्नी का जमीन

इसके बाद उनके रूम का दरवाजा को तोड़ा गया। पत्नी प्रीति देवी का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ था। वहीं BJP नेता का खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़ा था। वहां का दृश्य देख पता चला कि BJP नेता ने पहले पत्नी को गोली मारी थी। फिर खुद को भी गोली मार खुदकुशी कर ली।

BJP नेता दंपती की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।
BJP नेता दंपती की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।

प्रचार के लिए जाने से कतरा रही थीं

परिजनों ने बताया कि दोनों के बीच वैचारिक मतभेद ही इस घटना का कारण बना। नेता अरुण यादव के पिता फुलेश्वर यादव ने बताया कि बेटे ने पत्नी प्रीति को प्रचार करने के लिए भेजना चाहते थे। मगर प्रीति जनसंपर्क अभियान में लगातार जाने के कारण थक गई थीं। अब वह क्षेत्र में प्रचार के लिए जाने से कतरा रही थीं। इसी बात को लेकर पिछले 3 दिनों से दोनों के बीच काफी विवाद चल रहा था।

इधर, घटना की जानकारी मिलते ही पति-पत्नी के शव को देखने के लिए नेताजी के यहां काफी भीड़ लग गई। स्थानीय लोगों की मानें तो BJP नेता अरुण यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है। मगर BJP में शामिल होने के बाद वह समाजसेवा में जुट गए थे। दंपती की मौत के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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