जिले के खड़गपुर व मुंगेर सदर का पानी सबसे ज्यादा:दूषित जल से त्वचा रोग, अल्सर, पीलिया, आंखों की बीमारी तथा कैंसर का होता है खतरा

मुंगेरएक महीने पहले
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आज राज्य से लेकर जिले और कस्बों तक का पानी जहरीला होता जा रहा है। पानी के बिन जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती लेकिन जिले में कई ऐसे जल श्रोत हैं, जिनका पानी पीने से त्वचा रोग, अल्सर, पीलिया, आंखों की रोशनी क्षीण होना तथा कैंसर आदि भयानक बिमारियों के शिकार होने का खतरा बना रहता है। केन्द्रीय जांच एजेंसी की जांच में यह सामने आया है कि मुंगेर जिला के 7264 जल श्रोतों में से 976 जगहों का पानी पूरी तरह दूषित है। जिनमें 906 जल श्रोतों के पानी में केमिकल तथा 70 जल श्रोतों में बैक्टिरिया मिला है। जिले के 976 जगहों के पानी में केमिकल तथा बैक्टिरीया की मौजूदगी

खड़गपुर तथा मुंगेर सदर का पानी सबसे दूषित
इस दौरान मुंगेर के 11582 जल श्रोतों को चिन्हित कर 7264 जगहों पर पानी की जांच की गई, जिसमें सबसे दूषित पानी हवेली खड़गपुर प्रखंड का पाया गया। यहां के 2498 जल स्त्रोंतों में से 1664 की जांच की गई थी। इनमें 323 में केमिकल तथा 19 जगहों के पानी में बैक्टिरिया पाया गया। खड़गपुर के रमनकाबाद में 145 जगहों पर केमिकल तथा 5 जगहों पर बैक्टिरीया पाया गया है। जो खड़गपुर का सबसे दूषित जल है। जबकि मुंगेर सदर में कटरिया व कुतलुपुर को छोड़कर 150 जगहों पर केमिकल तथा 13 जगहों पर बैक्टिरीया तथा टेटिया बम्बर के 730 जल स्त्रोतों में से 116 में केमिकल तथा 17 में बैक्टिरीया पाया गया है।
संग्रामपुर तथा असरगंज के जल श्रोत बैक्टिरीया फ्री
इन जल श्रोतों में अच्छी बात ये है कि संग्रामपुर तथा असरगंज के पानी में बैक्टिरीया की मौजूदगी नहीं पाई गई जबकि असरगंज में 22 तथा संग्रामपुर में 78 जगहों के पानी में केमिकल पाया गया। जबकि बरियारपुर प्रखंड के 22 जल स्रोतों में केमिकल तथा 4 जगहों पर बैक्टिरीया पाया गया। जो जिला में सबसे कम दूषित जल स्त्रोत माना गया है।
न पंचायतों का पानी सबसे शुद्ध |मुंगेर सदर प्रखंड के कटरिया तथा कुतलूपुर पंचायत के 170 जल स्त्रोतों की जांच की गई जिनमें कहीं भी पानी में केमिकल तथा बैक्टिरीया नहीं पाया गया है। जबकि खड़गपुर के अग्रहण पंचायत में 73 जल स्त्रोंतो की जांच में कहीं भी पानी दूषित नहीं पाया गया।

केमिकल युक्त पानी पीने से त्वचा रोग, अल्सर, आंखों की रोशनी क्षीण होना व कैंसर जैसी बिमारियों के शिकार होने का खतरा बना रहता है। तो बैक्टिरीया युक्त पानी हेपेटाईटिस, अमीबियासिस आदि रोग का कारण बनता है।
डा. फैजउद्दीन, सदर अस्पताल, मुंगेर

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