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मुंगेर में मछुआरों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी:मत्स्यजीवी सहयोग समिति पर है आक्रोश, सदस्य ना बनाने पर नाराज हैं परंपरागत मछुआरे

मुंगेरएक महीने पहले
धरना देते आक्रोशित मछुआरे।

मुंगेर जिला मत्स्य जीवी सहयोग समिति के सदस्य नहीं बनाए जाने को लेकर परंपरागत मछुआरों में आक्रोश है। आक्रोशित मछुआरों ने समिति का सदस्य नहीं बनाने के विरोध में तथा पुराने सदस्य को समिति से बाहर कर दिए जाने के कारण अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं ।पिछले 4 दिनों से किला परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास धरना पर बैठे मछुआरों का दर्द है कि जब तक मत्स्य जीवी सहयोग समिति के सदस्य हम लोग नहीं होते हैं तब तक सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ हमें नहीं मिलता। ऐसे में समिति के महामंत्री एवं अधिकारी हम परंपरागत मछुआरों को सदस्य नहीं बना कर अपने हिटलर शाही रवैये का परिचय दे रहे हैं। जबकि कई बार हम लोगों ने अपनी मांग को रखा है।इसके विरोध में हम लोग अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए हैं।

मछुआरा संघ के अध्यक्ष नारायण साहनी ने कहा कि परंपरागत मछुआरे छोटी ड़ेंगी,अपना जाल के सहारे गंगा में मछली पालन कर अपने तथा अपने परिवार का पालन करते हैं। लेकिन सहयोग समिति के अधिकारी मनमाने तरीके से गैर परंपरागत मछुआरों को सदस्य बनाकर कॉलम पूरा कर लेते हैं। ऐसे में वास्तविक मछुआरों को सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ता है । उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 तक लगभग 900 परंपरागत मछुवारे का नाम सहयोग समिति से हटा दिया गया है। उन्हें भी जोड़ने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे हैं।

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