महंत बाबा श्री दास का निधन:गृहस्थ जीवन से संन्यासी बने साधु के निधन के बाद पत्नी ने दी मुखाग्नि

आदापुर22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
मुखाग्नि के समय मौजूद साधु संन्यासी व अन्य। - Dainik Bhaskar
मुखाग्नि के समय मौजूद साधु संन्यासी व अन्य।

बन्हड़वा-बिसुनपुरवा गांव के नहर चौक पर स्थित शिव-हनुमान मंदिर के महंत बाबा श्री दास लंबी बीमारी के बाद स्वर्गारोहण कर गए। उनके निधन की खबर क्षेत्र में पहुंचते ही एकाएक शोक की लहर दौड़ गयी। साधु-संन्यासी भी पहुंच गए।वे गृहस्थ जीवन से विमुख हो सपत्नीक स्वर्गवासी गुरु गोबरी दास के शिष्य बन गए थे। संन्यासी जीवन व्यतीत करते हुए वे दीपावली की सुबह स्वर्ग सिधार गए।

उनके पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार के लिए पहुंचे सन्यासियों के सामने उन्हें मुखाग्नि देने की बात को लेकर देर शाम तक उन्हापोह कि स्थिति बनी रही। उनके भाई व भतीजे के सामने भी धर्म संकट उपस्थित हो गया। इस दौरान बातों का दौर चलता रहा।

अंत में सन्यासियों ने एकराय होकर तय किया कि दिवंगत साधु बाबा श्री दास की धर्मपत्नी भी एक ही गुरु से दीक्षा ली थी और अंत समय तक बाबा की सेवा-सुश्रुषा करती रही है। अतः उन्हें ही मुखाग्नि देने का वैधानिक अधिकार है। बाबा श्री दास की गुरु बहन बनी धर्म पत्नी साध्वी सरस्वती दास ने मुखाग्नि दी।

खबरें और भी हैं...