अनदेखी की हद पार:तिरहुत नहर पर महिपुर भतौड़ा के पास 40 सालाें से है बिना रेलिंग का पुल, हर माह हो रहे हादसे

बगहा9 दिन पहले
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  • पुल से वाहन समेत नीचे गिर जाते हैं लोग, एक की मौत भी हो चुकी है, शिकायत के बावजूद नहीं बनी रेलिंग
  • बीडीओ बोले- किस विभाग का पुल है, पता नहीं, जांच कराएंगे, सीओ बोले- करेंगे मरम्मत कराने का उपाय

बगहा- एक की छह पंचायतों को शहर से जोड़ता है यह पुल

बगहा- एक प्रखंड की महिपुर भतौड़ा पंचायत स्थित तिरहुत नहर पर बगैर रेलिंग का पुल दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते हुए पिछले चार दशक से खड़ा है। जबकि इस पुल के रास्ते प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर पैदल एवं सवारी से आवाजाही करते हैं। आने जाने के क्रम में कब कोई दुर्घटना हो जाय इसकी कोई गारंटी नहीं है। अब तक दर्जनों मवेशी इस पुल से नीचे गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं। कई बार सवारी सहित लोग नहर में गिर चुके हैं। महज संयोग ही रहा है कि कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है।

आश्चर्य की बात है कि पिछले चार दशक में इस पंचायत में कई मुखिया निर्वाचित व परास्त हुए, लोक सभा व विधान सभा चुनाव के दौरान जाने कितने जन प्रतिनिधि इस पुल से होकर गुजरे होंगे, समय समय पर वरीय अधिकारी भी इस पुल से होकर गुजरते रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इस पुल को आम आदमी के चलने के लायक बनाने के बारे में नहीं सोचा। आज से 40 वर्ष पहले इस पुल की जैसी हालत थी, आज भी वैसी ही बनी हुई है।

मुखिया बोले- 40 वर्ष का हो गया हूं, शुरू से पुल रेलिंग विहीन ही है

महिपुर भतौड़ा पंचायत के मुखिया दुर्गेश ठाकुर समेत संजय कुमार, पप्पू प्रसाद, सुजीत बैठा, हरि लाल, परशुराम राम आदि ग्रामीण बताते हैं कि आज उन सबकी उम्र 40 वर्ष से अधिक होने जा रही है। जब से उन लोगों ने होश संभाला है, तब से वे इस पुल को रेलिंग विहीन ही देखते चले आ रहे हैं। यहां हर महीने कोई दुर्घटना होती है। कभी कोई बाइक सवार वाहन समेत गिर जाता है तो कभी मवेशी। 40 सालों में यहां लगभग 200 दुर्घटनाएं हो चुकी है। रेलिंग नहीं होने से सवारी के पार करते समय या पैदल भी पुल से गुजरते समय दुर्घटना का भय हमेशा बना रहता है।

अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई, निदान नहीं हुआ

स्थानीय लोगों ने भी बताया कि जल संसाधन विभाग से लेकर प्रशासन के वरीय अधिकारियों का ध्यान कई बार इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया गया, जन प्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है। बताते चलें कि यह एक मात्र ऐसा सड़क पुल है जो महीपुर भतौड़ा पंचायत के अलावे कुम्हिया, अहिरवलिया, खरपोखरा, चमवलिया आदि दर्जनों गांवों और पंचायतों के लोगों को सीधे-सीधे बगहा शहर व बगहा अनुमंडल मुख्यालय समेत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचने की राह उपलब्ध कराता है।

बगहा- एक बीडीओ कुमार प्रशांत ने बताया कि इस बाबत उन्हें जानकारी नहीं है। वे जांच कराएंगे कि यह किस विभाग का यह पुल है। सीओ अभिषेक आनन्द ने बताया कि पुल के निर्माण या मरम्मत के लिए जो भी उपाय होगा किया जाएगा।

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