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बगहा में बाघिन का आतंक:गन्ने के खेत में भैंस के बछड़े को घायल किया, चिउटाहा और रघिया वनक्षेत्र में की जा रही सतर्कता बरतने की अपील

बगहा25 दिन पहले
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बाघिन ने इसी बछड़े को घायल कर दिया था। - Dainik Bhaskar
बाघिन ने इसी बछड़े को घायल कर दिया था।

बगहा में खूंखार बाघिनों का ऐसा आतंक है कि शाम होते ही लोग घरों में घुस जाते हैं। एक सप्ताह से चिउटाहा और रघिया वनक्षेत्र के सटे गांवों में बाघिन से दहशत का माहौल है। इसलिए इन गांवों में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की टीम घूम-घूमकर लोगों को सतर्कता बरतने की अपील कर रही है। शाम होने से पहले घर आ जाने का संदेश दे रही है।

दरअसल, ये बाघिन जानवरों के साथ लोगों को भी घायल कर रही है। पिछले कुछ दिनों में चार बकरियों के साथ एक युवक को भी बाघिन ने घायल कर दिया था।

बाघिन से गांवों के लोगों में एक डर पैदा हो गया है। शाम होते ही लोगों ने अपने बच्चों के साथ घरों से बाहर निकलना बंद कर दिया है। इस बाबत फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने वन कर्मियों की टीम का गठन किया है, जो लोगों को बाघिन से बचने का आगाह कर रही है। गांवों और जंगल क्षेत्र से सटे गांवों में दिन-रात कैंप कराई जा रही है।

लोगों से अपील करते फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी।
लोगों से अपील करते फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी।

हसनापुर जंगल से सटे इलाके में भैंस चर रही थी, तभी बाघिन ने भैंस के बछड़े पर हमला कर दिया। यह देखकर चरवाहा चिल्लाने लगा। शोरगुल सुन लोग दौड़े आए, तब जाकर बाघिन बछड़े को छोड़कर जंगल की ओर मुड़ी। वहां कैंप कर रहे वनकर्मियों व गांवों के लोग ने घायल बछड़े को इलाज के लिए नजदीकी हाॅस्पिटल भेजा गया।

माइक से किया जा रहा लोगों को अलर्ट

लोगों को माइक के जरिए अलर्ट भी किया जा रहा है। चिउटाहा वन क्षेत्र अधिकारी सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि चिउटाहा वनक्षेत्र के जंगल व गांवों में बाघिन की चहलकदमी करने का पगमार्ग मिल रहा है। जंगल से सटे इलाकों में गन्ना की फसल अधिक होने से बाघिन जंगल से निकल कर गन्ने की खेत में छिप जा रही है। आज एक सप्ताह से अधिक तीन वन क्षेत्रों से अधिकारियों के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम का गठन कर रोस्टर के अनुसार 24 घंटे गांवों में कैंप कराई जा रही है।

कैमरे से ट्रैपिंग की हुई व्यवस्था

वीटीआर वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि लोगों की सतर्कता के लिए बार-बार माईकिंग के जरिए एनाउंस कराकर लोगों से अपील की जा रही है कि शाम होते ही घरों से बाहर ना निकले और पशुओं को चराने के लिए कुछ दिनों तक सरेह की ओर न जाए। क्योंकि बाघिन अभी बुरी तरह से जंगल की ओर नहीं गई है।

जंगल और सरेहों की ओर ही चहलकदमी कर रही है, लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं। यहीं लापरवाही रही तो फिर बाघिन एक बड़ी अनहोनी की घटना काे अंजाम दे सकती है। बाघिन की निगरानी के लिए अधिकारियों के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम का गठन कर रोस्टर बनाकर जंगल और गांवों में कैंप कराई जा रही है। बाघिन पर नजर बनाए रखने के लिए कैमरा लगाया गया।

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