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अच्छी खबर:कोरोना से जिन गरीब परिवारों के बच्चों ने खो दिए अभिभावक 100 बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाएगा वाल्मीकि विकास मंच

बगहा24 दिन पहले
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  • बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से रोकने व उन्हें समुचित दिशा प्रदान करने के लिए लिया संकल्प

कोरोना संकट के दौरान जो गरीब बच्चे अनाथ हो गए हैं, उनमें से 100 बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का निर्णय वाल्मीकि विचार मंच ने लिया है। भारत सरकार के पेट्रॉलियम सचिव रह चुके सेवानिवृत्त आईएएस सह बगहा के पूर्व विधायक राघव शरण पांडेय के मार्गदर्शन में सक्रिय इस संगठन ने बच्चों की पढ़ाई बाधित होने से रोकने तथा उन्हें समुचित दिशा प्रदान करने के लिए यह संकल्प लिया है। राघव शरण पांडेय ने बताया कि इस जानलेवा महामारी के दौरान बहुत से गरीब बच्चों ने अपने अभिभावकों को खो दिया है।

कुछ बच्चों के माता - पिता दोनों दिवंगत हो गए हैं तो कुछ के माता - पिता में से कोई एक ही बचे थे, जिनकी छांव भी उनके सिर से उठ गई है। ऐसे तमाम परिवारों की पड़ा घोर असहनीय है। संगठन के माध्यम से ऐसे 100 गरीब व अनाथ बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इन बच्चों की पढ़ाई पर व्यय होने वाला खर्च यह संगठन वहन करेगा। बताते चलें कि वाल्मीकि विचार मंच एक गैर राजनीतिक संगठन है।

इसके संरक्षक पूर्व विधायक राघव शरण पांडेय ने कहा कि कोरोना के कारण समाज को हुई क्षति को संभालना हम सबका दायित्व है। पश्चिम चंपारण उनका गृहजिला है। यह प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है। कोरोना महामारी के कारण यहां बहुत से घर बर्बाद होने के कगार पर हैं। इसके लिए मंच अपने स्तर से कोविड सहायता कार्यक्रम चला रहा है।

बताते चलें कि वाल्मीकि विचार मंच ने जिले के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सिफ्लोमीटर व जगह - जगह ऑक्सीमीटर का वितरण गत दिन किया था। तब अस्पतालों को इन साधनों की नितांत आवश्यकता थी। मास्क व सेनिटाइजर के वितरण समेत लोगों को जागरूक करने के अभियान में भी मंच के कार्यकर्ता लगातार जुटे रहे हैं। प्रखंड, पंचायत एवं गांवों के स्तर पर अपने संगठन की बदौलत मंच ने नेत्रदान शिविर, एंबुलेंस डोनेट करने तथा आपदा काल में लोगों की मदद करने में लगातार अपनी तत्परता दिखाई है।

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