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50 हजार की आबादी होगी प्रभावित:सिकरहना नदी पर सुंदरपुर में बना चचरी पुल बहा, अब जिला व प्रखंड मुख्यालय के लिए 15 से 35 किमी का लगेगा चक्कर

बंजरिया18 दिन पहले
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सुन्दरपुरघाट पर सिकरहना नदी में बना चचरी पुल बहा। - Dainik Bhaskar
सुन्दरपुरघाट पर सिकरहना नदी में बना चचरी पुल बहा।

सुन्दरपुरघाट के पास सिकरहना नदी के ऊपर बना चचरी पुल रविवार को नदी की तेज धार के साथ बह गया। हालांकि उस समय चचरी पुल पर कोई नहीं था, जिसकी वजह से बड़ी घटना नहीं घटी। जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। सुन्दरपु व पकड़िया के लोग अपने सहारे को आंखों के सामने बहते देखते रह गए। इसी के साथ उनका जिला व प्रखंड मुख्यालय का सीधा संपर्क कट गया। चचरी पुल से प्रतिदिन लगभग दो हजार लोगों का आना जाना होता था। जिसमें सुंदरपुर, खैरी, सुखिडीह, रोहिनिया, चिचोरहिया, खैराघाट, अजगरवा,लपकड़िया टोला, सिसवा व गोखुला के लोगों की परेशानी बढ़ गई। जिला परिषद सदस्य सुरेश यादव ने बताया कि नदी के उस पार खेती के लिए आना जाना बंद हो गया। वही सुंदरपुर के अनवर हुसैन, जावेद आलम, असदुल्लाह, इकबाल अंसारी ने बताया कि हमें जिला व प्रखंड मुख्यालय जाने के लिए 8 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी।

वही अब चचरी के बह जाने के बाद खैरी, जटवा व सिसवनिया होते हुए 15 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। परन्तु जटवा गांव में सड़क खराब होने के कारण अजगरवा, वाया लखौरा होकर 35 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। चचरी पुल बह जाने से लगभग 50 हजार आबादी प्रभावित होगी। लोगों को अब छोटे-बड़े काम के लिए भी 35 किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुल बनाने की मांग की है।

एक हजार बांस और 200 से ज्यादा मजदूर बनाते हैं चचरी पुल

बताते चले कि सुंदरपुर गांव के लोग प्रतिवर्ष अक्टूबर माह में श्रमदान से चचरी पुल का निर्माण करते है। जिसमे कम से कम एक हजार बांस व दो सौ से ज्यादा मजदूर लगते है। वैसे प्रतिवर्ष जुलाई में नदी में पानी बढ़ने के साथ चचरी बहता था। इस वर्ष यास तूफान के बार पिछले तीन दिनों से हुई लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ा और पानी के दबाव में चचरी पुल बह गया।

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