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सीरो-सर्वेक्षण’ किया जाएगा:कोरोना संक्रमण को लेकर हाेगा जनसंख्या आधारित ‘सीरो-सर्वेक्षण’ इसके लिए 6 सरकारी और 4 निजी संस्थान किए जाएंगे चिह्नित

बेतिया4 महीने पहले
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  • कोरोना के बढ़ते संक्रमण के स्वभाव को समझने एवं इसकी व्यापकता की निगरानी के लिए किया जाता है यह सर्वेक्षण
  • जिले के अधिक जोखिम वाली आबादी से प्रति सप्ताह सौ से चार सौ सैंपल एकत्रित किए जाएंगे

कोरोना संक्रमण के प्रसार के ट्रेंड को समझने एवं इसकी व्यापकता की निगरानी के मद्देनजर जिले में चयनित  जनसंख्या आधारित ‘सीरो-सर्वेक्षण’ किया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय विभाग ने दिशा निर्देश जारी कर इस संबंध में जानकारी दी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद आईसीएमआर एवं राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, राज्य स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर  जिलों में ‘सीरो-सर्वेक्षण’कार्य करेंगे। निगरानी इकाई स्थापित करने के लिए जिले के 10 स्वास्थ्य केन्द्रों का चयन होगा। जिसमें 6 सरकारी एवं 4 निजी स्वास्थ्य केन्द्रों को शामिल किया जाएगा ।
ऐसे होगा आंकड़ों का संग्रहण 
आईसीएमआर तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आंकड़ा उपलब्ध होने के बाद संक्रमितों को इलाज के लिए भर्ती किया जाएगा। इसकी व्यापकता की निगरानी के लिए देश के चयनित जिलों में जनसंख्या आधारित सीरो सर्वेक्षण बेस सरकार के पास भी उपलब्ध रहेगी।
सर्वेक्षण संपादित करने के लिए दो तरह की आबादी समूहों का चयन
सिरो सर्वेक्षण संपादित करने के लिए दो तरह की आबादी समूहों का चयन किया गया है। कम जोखिम वाली आबादी में आउटडोर मरीज एवं गर्भवती महिला तथा अधिक जोखिम वाले आबादी में संक्रमितों की देखभाल एवं उपचार में जुटे स्वास्थ्य कर्मी को शामिल किया गया है। जिले के अधिक जोखिम वाली आबादी से प्रति सप्ताह 100 से 400 सैंपल एकत्रित किये जाएंगे। वहीं, जिले के कम जोखिम वाली आबादी के आउटडोर मरीजों से प्रति सप्ताह 50 से 100 सैंपल एवं गर्भवती महिलाओं से भी 50 से 100 सैंपल एकत्रित किये जाएंगे।
रोग के निदान के साथ संक्रमण की निगरानी पर होगा जोर
जारी निर्देश में विभाग ने बताया है कि  एक बार में केवल 25 नमूनों का ही जांच किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया गया है कि इन सभी नमूनों का परिणाम केवल निगरानी के उद्देश्य से किया जाएगा एवं इसका उपयोग किसी भी तरह से व्यक्तिगत रोग निदान की दृष्टि से नहीं होगा। विभागीय निर्देश में यह भी बताया गया है कि नाक एवं गले के  आरटी-पीसीआर रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमीरेज चेन रिएक्शन के लिए लिए जाएंगे। आरटी-पीसीआर टेस्ट मुख्यतः कोरोना संक्रमण की पुष्टि के लिए की जाती है। नाक एवं गले के स्वैब के अलावा, एलिसा परीक्षण के लिए आईजीजी एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए, रक्त के नमूने भी एकत्रित किये जाएंगे।

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