पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

माह-ए-रमजान:डिस्टेंस के साथ घर पर अदा की अंतिम जुमे की नमाज

बेतियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सेनवरिया में घर पर नमाज अदा करते पूर्व मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद। - Dainik Bhaskar
सेनवरिया में घर पर नमाज अदा करते पूर्व मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद।
  • निगम के कार्यकारी सभापति ने घरों पर नमाज अदा करने का किया था आग्रह

नगर में रमजान के मुबारक महीने में शुक्रवार को आखरी जुमे की नमाज लोगों ने अपने घरों पर ही अदा की। नगर निगम के कार्यकारी सभापति कयूम अंसारी ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व से ही लोगों से आग्रह किया गया था कि वह अंतिम जुम्मा की नमाज अपने घरों पर ही सोशल डिस्टेंस के साथ अता करें। जिसको देखते हुए लोगों ने अपने घरों पर नमाज पढ़ा। उन्होंने कहा कि कोविड- 19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उन्होंने सभी लोगों से पूर्व से ही आग्रह किया था कि लोग अपने घरों में पूरी सुरक्षा के साथ सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए नमाज पढ़ें। लोगों ने ऐसा किया भी। कार्यकारी सभापति ने कहा कि इधर ईद को देखते हुए शहर में साफ-सफाई का कार्य भी और भी तीव्र गति से किया जा रहा है।  इसके साथ ही कोविड- 19 को देखते हुए सेनेटाइजेशन का काम भी काफी तेजी से किया जा रहा है। नगर परिषद के दो टैंकरों से सेनेटाइजेशन का काम किया जा रहा था। इसी बीच अग्निशमन विभाग के द्वारा भी एक टैंकर मुहैया कराने से इस कार्य को और गति मिली है। उन्होंने रमजान के पाक महीने में ईद का पर्व हर्ष उल्लास तथा आपसी भाईचारे के साथ लोगों से मनाने का अपील की है। वहीं ईद के दाैरान काेराेना से बचाव के गाइडलाइन का पालन करने की बात की।

कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण मस्जिदें रही खाली

लॉकडाउन के कारण रमजान के आखिरी जुमे की नमाज प्रखंड मुख्यालय, बसंतपुर, बास्ठा, इनरवा, खम्हियां, मानपुर, सहनौला, भेड़िहारी आदि जगहों पर लोगों ने मस्जिद के बजाय अपने घरों में नमाज अदा की। कोरोना वायरस महामारी को लेकर भीड़-भाड़ नहीं हो इसको लेकर मस्जिदों में नमाज नहीं पढ़ी गई। प्रखंड क्षेत्रों के मस्जिद खाली रहे। वहीं पूर्व मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद ने मैनाटांड़ के सेनवरिया अपने अावास पर ही अलविदा की नमाज अदा की। मौके पर पूर्व मंत्री श्री अहमद ने अलविदा की नमाज में राज्य व देश में अमन-चैन बने रहने और कोरोना वायरस के खात्मे की दुआ भी मांगी। लॉकडाउन की वजह से यह पहला मौका होगा, जब अलविदा जुम्मे की नमाज सभी रोजेदारों ने मस्जिदों के बजाए अपने घरों में अदा किया।

खबरें और भी हैं...