बेतिया में बाढ़ से बदहाली:गंडक नदी में उफान ने अब मधुबनी और भितहां ब्लॉक को जोड़ने वाले एप्रोच रोड को तोड़ा; दर्जनों गांव के लोग पलायन को मजबूर

बेतिया5 महीने पहले
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बेतिया के बगहा दियारावर्ती इलाकों में भी बाढ़ का कहर जारी है। मधुबनी और भितहां प्रखण्ड के कई गांव बाढ़ में डूब चुके हैं। यहां दोनों प्रखंड के गांवों को जोड़ने वाला एप्रोच रोड तकरीबन 20 फीट ध्वस्त हो गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को प्रशासन की मदद का इंतजार है, लेकिन अभी तक उन तक मदद नहीं पहुंच पाई है। बाढ़ से बचने के लिए अब लोग पलायन कर रहे हैं। दूर-दूर तक गांव पानी में डूबे हुए हैं, जिसके कारण लोग नाव का सहारा ले रहे हैं। कई गांव तो ऐसे हैं, जहां नाव पहुंच नहीं पा रही है। ऐसे में लोग घरों की छत और चचरी को नाव बनाकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंच रहे हैं।

नाव से सुरक्षित स्थान पर जाते लोग।
नाव से सुरक्षित स्थान पर जाते लोग।

गंडक नदी में छोड़े गए 4 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी से गांव बाढ़ में डूब चुके हैं। मधुबनी और भितहां प्रखण्ड अंतर्गत नैनाहा और करैया बसौली गांव को जोड़ने वाला एप्रोच रोड टूट कर पानी मे बह गया है। लिहाजा दोनों गांवों का संपर्क खत्म हो गया है, जिससे एक बड़ा तबका बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

पलायन करने को मजबूर लोग
नैनाहा, सिसई और करैया बसौली गांव का एप्रोच रोड भी टूट गया है, जिससे गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हैं। यहां के कुछ ग्रामीण बगहा से धनहा को जोड़ने वाली गौतम बुद्ध सेतु के किनारे तटबंध पर शरण लिए हुए हैं। वहीं कुछ लोग निजी नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों या रिश्तेदारों के यहां शरण करने के लिए पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ आए दो दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा है। एप्रोच रोड टूटने से आवागमन बाधित होने के बाद बाढ़ में घिरे लोगों को प्रशासनिक मदद का इंतजार है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक न तो कोई स्थानीय जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन की तरफ कोई आया है। बांध पर शरण लिए लोगों का कहना है कि उनका राशन, पानी सब कुछ पानी में डूब गया है। फसल भी बर्बाद हो चुकी है।

बगहा में तबाही का मंजर
बगहा में मानसून के पहली ही बारिश के बाद से ही कई इलाकों में तबाही का मंजर दिख रहा है। चकदहवा के बाद गंडक दियारा पार के पिपरासी प्रखंड में भी कई गांव बाढ़ में डूबे हुए हैं। लिहाजा प्रभावित लोगों ने अर्धनिर्मित रेलवे बांध पर शरण ली है। यहां गांवों में पानी घुसने के भय से लोग पूरी रात जागकर बिता रहे हैं। लबेदाहा पंचायत के कुछ हिस्सों से होकर रेल मार्ग प्रस्तावित था, जिसके लिए बांध का निर्माण किया गया था और बांध के दोनों तरफ लोग बसे हुए हैं। ऐसे में जब पिछले साल गंडक नदी ने रौद्र रूप अपनाया तो यहां का बांध टूट गया और कई गांव जलमग्न हो गए। उस समय भी लोगों का आशियाना अर्धनिर्मित रेल बांध बना था। कुछ लोगों ने बांध पर ही अपना आशियाना भी बना लिया।

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