सतर्कता जरूरी:123 दिन बाद स्कूल गए बच्चे, मात्र 10% रही उपस्थिति, छात्र-छात्राएं दिखे उत्साहित

बेतिया2 महीने पहले
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उच्च विद्यालय चनपटिया में बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के क्लास में बैठे छात्र-छात्राएं। - Dainik Bhaskar
उच्च विद्यालय चनपटिया में बिना मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग के क्लास में बैठे छात्र-छात्राएं।
  • निजी स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूल कोरोना नियमों के प्रति उदासीन

शनिवार को 123 दिनों बाद छात्रों ने स्कूलों की दहलीज पर कदम रखे। हालांकि अभी सिर्फ नौवीं व दसवीं कक्षा के छात्रों को ही विद्यालय आने की अनुमति मिली है। जिले में हाई स्कूल स्तर के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय छात्रों के आगमन को देखते हुए तैयारी में रहे। लेकिन पहले दिन छात्रों की उपस्थिति काफी कम रही, मात्र 10 फीसदी छात्र ही पहले दिन विद्यालय पहुंच सके। हालांकि कुछ स्कूलों में 35 से 40 फीसद तक भी उपस्थिति दिखी। लेकिन ऐसे विद्यालयों की संख्या कम ही रही। वैसे विभाग की ओर से 50 फीसदी उपस्थिति के साथ विद्यालय संचालन की अनुमति मिली है।

शहर में सरकारी हाई स्कूल तो शनिवार को ही खुल गए, लेकिन कई निजी स्कूलों ने सोमवार से ही विद्यालय खोलने की तैयारी की है। वैसे कुछ निजी विद्यालय भी शनिवार को ही खुले। इसको लेकर सुबह से ही छात्र-छात्राओं की टोली घर से स्कूल जाने के लिए निकल पड़ी। लंबे समय बाद एक दूसरे से रूबरू मिलने की खुशी छात्र-छात्राओं के चेहरे पर झलकती नजर आयी। स्कूलों में प्रवेश के पूर्व थर्मल स्क्रीनिंग व मास्क की अनिवार्यता रही। हालांकि निजी स्कूलों की अपेक्षा सरकारी स्कूलों में कोविड-19 प्रोटोकोल के प्रति उदासीनता का आलम रहा। इस दौरान कुछ स्कूलों में जहां कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल नहीं रखा। वहीं की स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया गया।

लंबे समय बाद दोस्तों से मिलकर उत्साहित हुए छात्र

शनिवार को लंबे समय बाद स्कूल खुलने पर इसकी बानगी स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कोरोना की दूसरी लहर में बंद हुए स्कूल करीब 4 महीने बाद शनिवार को खुले। इस दौरान विद्यालय पहुंचे सहपाठी एक दूसरे से मिल काफी उत्साहित हुए। रामकृष्ण विवेकानंद विद्या मंदिर के रोहित कुमार ने बताया कि कोविड ने दोस्तों से मिलने में ब्रेकर डाल दिया था। वैसे फोन पर तो बात होती थी लेकिन रूबरू नहीं मिल पा रहे थे। अभी स्कूल खुलने के बाद यह अवसर मिला है। दोस्तों से मिल काफी अच्छा लग रहा है। वही राज्य संपोषित कन्या प्लस टू विद्यालय की नगमा भी अपनी सहेलियों से मिल काफी खुश नजर आई।

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