कटरांव गांव में मातम:मां, बहन व दादी के लिए दुबई कमाने गए आदित्य की माैत, 9 दिन बाद घर पहुंचा शव

बेतियाएक महीने पहले
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गौनाहा के कटरांव में आदित्य का शव पहुंचने पर उमड़ी लोगों की भीड़। - Dainik Bhaskar
गौनाहा के कटरांव में आदित्य का शव पहुंचने पर उमड़ी लोगों की भीड़।
  • विधवा मां व छोटी बहन दहाड़ मार कर रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी, पोते की मौत की खबर सुनकर खाना-पीना छोड़ चुकी हैं दादी

सहोदरा थाना क्षेत्र के कटरांव गांव से विधवा मां, छोटी बहन व वृद्ध दादी के सपने को सकार करने के लिए दुबई कमाने गए इकलौते चिराग कि मौत कि सूचना पर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ हैं। 9 दिनों के बाद शव के घर पहुंचते ही विधवा मां व छोटी बहन दहाड़ मार कर रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। वही वृद्ध दादी कह रही थी कि भगवान सब छिन लेलन। सबसे पहले पति फिर बेटा अब पोता के मौत के बाद वृद्ध विधवा दादी की भी बेहोश होकर गिर जा रही थी। शव गांव में पहुंचते ही गांव के अन्य लोगों कि आखें भी नम हो गई थी।

लोगों ने बताया कि करीब एक साल पहले आदित्य यह सपना लेकर दुबई गया था कि पैसा कमा कर छोटी बहन की शादी धूमधाम से करेंगे। लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। 29 नवम्बर की सुबह आदित्य के घर फोन आया कि आदित्य की मौत हो गई है। घर पर किसी पुरुष के नहीं होने के कारण गांव के लोगों ने पहल कर कागजी प्रक्रिया पुरा कर विदेश से उसका शव 9 दिनों के बाद घर मंगवा लिया। उसका अंतिम संस्कार मनीयारी नदी के किनारे किया गया।

बहन की शादी धूमधाम से करने का सपना अधूरा रह गया

गांव के लोगों ने बताया कि जब आदित्य छोटा था। तभी उसके पिता का देहांत हो गया। छोटी उम्र से ही परिवार का भरण-पोषण कर रहें आदित्य ने बहन को बड़ा हो जाने पर विदेश जा कर पैसा कमा धूमधाम से उसकी शादी करने का सपना देखा था। विदेश गए एक ही साल हुए थे कि उसकी मौत की खबर आ गयी। मौत की खबर सुनते ही मां, बहन व दादी बेहोश हो जा रही थी। शव पहुंचते ही तीनों का चीत्कार सुन कर सबका कलेजा फटा जा रहा था।

29 नवंबर को आदित्य रात में सोया, लेकिन फिर उठा नहीं

पुर्व उप मुखिया राजू कुमार ने बताया कि आदित्य कि मौत 29 नवम्बर को ही हो गई थी। लेकिन कागजी प्रक्रिया में 9 दिन बाद शव घर पहुंचा हैं। 29 नवम्बर को फोन आया तो बोला गया कि आदित्य सोया था फिर उठा नहीं, उसकी मौत हो गई है।

दादी शारदा ने कहा- भगवान ने हमारे साथ कभी अच्छा नहीं किए

पोते की मौत कि खबर सुन खाना पीना छोड़ चुकी दादी मु. शारदा ने बताया कि समय से पहले मेरे पति को भगवान ने छिन लिया, बेटा परिवार संभालता तभी उसे भी छिन लिया। पोता सहारा था उसे भी छिन लिया, भगवान हमारे साथ कभी अच्छा नहीं किए।

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