सुझाव / धान के बिचड़े में 15 दिनों के अंदर दो हल्की सिंचाई करना अनिवार्य होता है

It is compulsory to provide two light irrigations within 15 days of the paddy crop
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It is compulsory to provide two light irrigations within 15 days of the paddy crop

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

बेतिया. धान के बिचड़े में 15 दिनों के अंदर दो हल्की सिंचाई करना अनिवार्य है। जबकि बिचड़े में केमिकल्स फर्टिलाइजर का उपयोग घातक बन सकता है। इसके लिये क्षेत्रिय अनुसंधान केन्द्र माधोपुर के वैज्ञानिकों ने किसानों को आवश्यक सुझाव दी है। ताकि किसान धान का बचड़ा तैयार कर उसकी रोपनी कर अच्छी पैदावार ले सकें। अनुसंधान केन्द्र के मुख्य वैज्ञानिक डा. अजीत कुमार ने कहा कि इस वर्ष वर्षा कम होने के कारण खेतों में नमी की कमि है।

ऐसे में किसानों को धान का बिचड़ा गिराने के आठ दिनों के बाद तथा 15 दिनों के बाद दो बार हल्की सिंचाई कर देना चाहिए। इससे बिचड़ा पुष्ट होगा। साथ ही 21 दिनों के बाद धान की रोपनी बिचड़े से कर देना चाहिए। सिंचाई से खेतों में नमी आ जाती है। बीज में नमी 12 से 15 फीसद ही होती है।
धान के बिचड़े में नहीं करें केमिकल्स फर्टिलाइजर का उपयोग
मुख्य वैज्ञानिक ने कहा कि धान के बिचड़े में किसानों को केमिकल्स फर्टिलाइजर का उपयोग नहीं करना चाहिए। उर्वरक का उपयोग करने से धान की रोपनी के बाद फसल जमीन में जल्दी से स्थापित नहीं हो पाता है। साथ ही वह सुखने लगता है।

जड़ भी कमजोर हो जाते है। साथ ही फसल आगे चलकर रोगग्रस्त हो जाते है। मुख्य वैज्ञानिक ने कहा कि धान का बिचड़े का रोपनी कार्य 21 से 25 दिनों के अंदर कर लेना अनिवार्य है। इससे धान का बिचड़ा जल्द जमीन पकड़ लेता है। धान का फसल पुष्ट, स्वस्थ व रोेग से मुक्त रहते है। फसलों की आंतरिक उर्जा बनी रहती है।

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