एसपी का खुलासा:दिल्ली में जिंदा मिला खालिद, 23 अगस्त को जाे सिरकटी लाश मिली थी वो किसी और की थी

बेतियाएक वर्ष पहले
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मुफस्सिल थाना क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में हुई खालिद की कथित हत्या का उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है। खालिद को पुलिस दिल्ली से जिंदा बरामद कर लिया है। अब पुलिस बरामद सिरकटी लाश के बारे में पता लगाने में जुटी हुई है। गिरफ्तार खालिद ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया है कि उसने ही इस कांड का तानाबाना भूमि विवाद को लेकर किया था।

शहर के मशहूर व्यवसायी रोहित सिकारिया एवं नप सभापति गरिमा सिकारिया को फंसाने के लिए खुद की हत्या की साजिश रची थी। प्राथमिकी में खालिद के पिता ने नगर परिषद के सभापति गरिमा देवी सिकारिया व उनके पति व्यवसायी रोहित सिकारिया को नामजद आरोपी बनाया था। एसपी निताशा गुड़िया ने कहा कि 22 अगस्त को औद्योगिक एरिया से एक सिर बरामद किया गया। जबकि 23 अगस्त को शरीर का शेष हिस्सा बरामद किया गया था। मामले में लालूनगर निवासी खालिद के पिता अख्तर हुसैन ने उसे अपना पुत्र अख्तर खालिद हुसैन बताकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया।

जिसमें सभापति दंपति को आरोपी बनाया गया। सदर एसडीपीओ मुकूल परिमल पांडेय, मुफस्सिल थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा तथा एसआई खालिद व राजू के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम के द्वारा मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर खालिद को दिल्ली से जिंदा बरामद कर लिया। उसके साथ इस घटना में शामिल खालिद के दोस्त रंजीत को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

मोबाइल लोकेशन पर हुई खालिद की गिरफ्तारी, पिता व दोस्त भी धराए

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में एक युवक की लाश बरामद की गई थी। युवक के सिर से धड़ को अलग कर दिया गया है। हाथ भी काट दिये गये थे। घटना 22 अगस्त की रात्रि की है। जानकारी 23 अगस्त की सुबह में हुई। परिजनों ने मृतक की पहचान अख्तर हुसैन के 20 वर्षीय पुत्र मो. अख्तर खालिद हुसैन के रुप में की थी।

घटना के बाद स्थानीय लोग शव को पुलिस को सौपने से मना कर दिया। काफी मशक्कत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिये ले जाया गया। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच में जुट गई थी।
पिता ने की थी पहचान, व्यवसायी दंपति पर लगाया था आरोप
खालिद के भाई व पिता ने कहा था कि घटना की सूचना उन्हें सुबह में मिली। जब सुबह में वे नमाज पढ़ने के लिये उठे तो आंगन में एक चिट्ठी मिली। इसी क्रम में एक बोरा में मो. अख्तर खालिद हुसैन का शव बरामद किया गया। जिसमें सिर नहीं था। सिर को अलग जगह से बरामद किया गया था। पुलिस को लाश को उठाने से मना कर दिया।

सदर एसडीपीओ मुकूल परिमल पांडेय, एसडीएम विद्यानाथ पासवान आदि ने पहुंचकर मशक्कत के बाद शव पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया।

सिरकटी लाश के बाल का रंग सफेद देख बढ़ा संदेह
एसपी ने बताया कि बरामद सिरकटी लाश में बाल का रंग सफेद था। जबकि पुलिस को खालिद के फोटो में उसका बाल काला मिला। जब पुलिस के द्वारा खालिद के पिता से इसपर पूछताछ की गई तो कहा कि बाल कलर कराया था।

कई दलों ने किया था प्रदर्शन

घटना के बाद कई राजनीतिक दलों ने धरना प्रदर्शन किया। इधर, व्यवसायी दंपति की मां सुमन सिकारिया ने दो बार एसपी को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी।

जल्द होगी लाश की पहचान

एसपी निताशा गुड़िया ने बताया कि जो लाश बरामद की गई वह किसकी थी इसका खुलासा जल्द किया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई सुराग हाथ लगे हैं।

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