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किसानों को होगी सहूलियत / क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर में मदर सीड का प्रोडक्शन शुरू, वैज्ञानिकों की देखरेख में गन्ना, धान व गेहूं के नए उन्नत किस्म के बीज किए जा रहे हैं तैयार

Mother seed production started at the Regional Research Center, Madhopur, under the supervision of scientists, new improved varieties of sugarcane, paddy and wheat are being prepared.
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Mother seed production started at the Regional Research Center, Madhopur, under the supervision of scientists, new improved varieties of sugarcane, paddy and wheat are being prepared.

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

बेतिया. क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर मे मदर सीड का प्रोडक्शन आरंभ किया गया है। इससे आने वाले दिनाें में किसानाें काे बेहतर किस्म का बीज मिल पाएगा। इसके अतिरिक्त गन्ना, धान तथा गेहूं का नया उन्नत किस्म का बीज वैज्ञानिकों की देखरेख में तैयार किया जा रहा है। नए किस्म की बीज पश्चिम चंपारण जिले के किसानों के लिए वरदान साबित होगी।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार यह बीच सिर्फ पश्चिम चंपारण जिले के लिए ही नहीं, बल्कि बिहार की जलवायु के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है। इसका सीधा लाभ किसानों को आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में मददगार साबित होगी। साथ में फसलों का यह नया प्रभेद डॉ राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय पूसा से अनुशंसित होगा। 

गन्ने का नया प्रभेद है राजेंद्र गन्ना वन, प्रति हेक्टेयर 1300 क्विंटल उपज होगी

गन्ने का नया वैरायटी राजेंद्र गन्ना वन का आधार बीज भी अनुसंधान केंद्र माधोपुर मैं तैयार किया गया है। यह नया वैरायटी 1200 से लेकर 1300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज देने में सक्षम है। इस ब्रीडर सीड में चीनी की मात्रा भी वैज्ञानिकों के अनुसार 17 से 18 प्रतिशत होगी। गन्ने का तना हल्का टेडा मेढ़ा तथा इसका आंख छोटा होगा। इसमें गन्ने के लिये घातक लालसर रोग पकड़ने की संभावना नहीं है। वही गन्ने का जनरल प्रभेद 500 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज देने में सक्षम है।

चंपारण में भी मिलेगा सेव और बेर
अब चंपारण में भी एप्पल बेर का उपार्जन आसानी से किया जा सकता है। इस बेर का साइज टमाटर के आकार का होता है। अब तक एप्पल बेर अन्य प्रांतों से ही लाकर व्यवसाई इसकी बिक्री करते रहे हैं। इस बेर की वैरायटी का पौधा क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में डेवलप किया जा रहा है।

गन्ना, धान तथा गेहूं की नई वैरायटी का मदर सीड क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में तैयार किए जा रहे हैं। सब्जी का कटहल तथा एप्पल व बेर का पौधा भी तैयार किया जा रहा है। जिसे किसानों को उचित दाम पर मिलेगा 
-डॉ. अजीत कुमार, मुख्य वैज्ञानिक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र माधोपुर, पश्चिम चंपारण

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