मगरमच्छ से भाई की बचाई जान, मिलेगा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार:बेतिया के धीरज से PM मोदी ने की बात; कहा- फौजी बनकर देश की सेवा करूंगा

पश्चिमी चंपारण5 महीने पहले
2 सितंबर को धीरज ने अपने साहस का परिचय देते हुए एक मगरमच्छ से लड़कर अपने छोटे भाई की जान बचाई थी। (फाइल) - Dainik Bhaskar
2 सितंबर को धीरज ने अपने साहस का परिचय देते हुए एक मगरमच्छ से लड़कर अपने छोटे भाई की जान बचाई थी। (फाइल)

बेतिया के धीरज कुमार (14) को 26 जनवरी को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया जाएगा। धीरज योगापट्टी प्रखंड की चौमुखा पंचायत के वार्ड नंबर 6 में रहते हैं। 2 सितंबर को धीरज ने अपने साहस का परिचय देते हुए एक मगरमच्छ से लड़कर अपने छोटे भाई की जान बचाई थी। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धीरज से बात की। इस दौरान धीरज ने बताया कि वो फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहता है।

अचानक मगरमच्छ​ ने किया हमला ​​​​​​
पिछले साल 2 सितंबर को धीरज कुमार और उसका छोटा भाई नीरज कुमार (11) भैंस चराने के लिए गए थे। इसी दौरान गंडक नदी की एक सोती में दोनों भाई भैंस को नहलाने लगे। इसी बीच छोटे भाई पर मगरमच्छ ने हमला बोल दिया। ये देखते ही धीरज मगरमच्छ से जा भिड़ा। भैंस चराने के लिए साथ में ले गए डंडे से वो मगरमच्छ पर वार करता रहा। इसके बाद मगरमच्छ को हरा कर धीरज ने अपने छोटे भाई नीरज की जान बचा ली। हालांकि, इस दौरान दोनों भाई गंभीर रूप में घायल भी हो गए थे। उनका जीएमसीएच बेतिया में 7 दिनों तक इलाज भी चला था।

जानिए मगर से भिड़ने वाले बड़े भाई की कहानी...

खेती करते हैं पिता
धीरज के पिता राजबली यादव किसान हैं। वहीं, मां घर के कामों के बाद पिता के काम में भी मदद करती हैं। दोनों बच्चे धीरज और नीरज ग्रामीण स्कूल में पढ़ाई के साथ पिता के काम में हाथ बंटाते हैं।

अपने छोटे भाई के साथ धीरज।
अपने छोटे भाई के साथ धीरज।

पीएम से बातचीत के अंश

धीरज कुमार से PM मोदी ने कहा- आपके साथ जो घटना घटी, उसका कैसे सामना किया?
धीरज कुमार- हम और भाई भैंस को नहला रहे थे। तभी मगरमच्छ ने भाई पर हमला कर दिया था। मैं भाई को बचाने के लिए उससे भिड़ गया। मैं घायल हो गया था पर भाई को घर ले आया। वहां से मैं भाई को अस्पताल लेकर गया। मैं 14 साल का था।
PM- भाई उस घटना को याद करता है।
धीरज- डर लगता है उसे, वो अब नदी के पास नहीं जाता है।
PM- मगर इतना बड़ा दिखा तो डर नहीं लगा।
धीरज- उस समय मुझे केवल मेरा भाई दिख रहा था और कुछ नहीं।
PM- तुम्हारा पसंदीदा कोई सुपरहीरो है क्या।
धीरज- सुपरहीरो!
PM- आपने अपने भाई को बचाया। ऐसा साहस, संयम और बुद्धि भी दिखाई। आप जैसे बालक ऐसी घटनाओं में जब अपने भीतर की सारी शक्ति को दिखाते हुए जिंदगी बताते हैं तो प्रेरक बना जाते हैं। आगे क्या बनोगे।
धीरज- फौजी बनकर देश की सेवा करूंगा।

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