अच्छी खबर:जीएमसीएच में अब प्रति मिनट 1500 लीटर ऑक्सीजन का किया जाएगा उत्पादन, 300 बेड पर सीधे होगी सप्लाई, नहीं होगी किल्लत

बेतिया10 दिन पहले
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जीएमसीएच का ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
जीएमसीएच का ऑक्सीजन प्लांट।
  • पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने किया तीन प्लांट का उद्घाटन अब बाहर से ऑक्सीजन लाने की निर्भरता होगी कम

गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज परिसर में तेल कंपनी एनआरएल की ओर से लगाये गये ऑक्सीजन प्लांटों का उद्घाटन गुरुवार को आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के तहत केंद्रीय पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप पुरी ने बटन दबाकर किया। कहा कि कोरोना के दूसरी लहर में ऑक्सीजन की उपयोगिता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने पर जोर दिया है। कारण कि अस्पतालों में प्रर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई मिलती रहे। किसी भी आपात स्थिति में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं हो। प्लांट के माध्यम से इलाज कराने आये मरीजों को सीधे ऑक्सीजन मिले।

हर प्लांट की एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता
उन्होंने ने कहा कि पीएम के इसी उद्देश्य को लेकर तेल कंपनियां भी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगा रही है। मिनिस्टर ने कहा कि इसी कड़ी में जीएमसीएच परिसर में एनआरएल तेल कंपनी तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाई है। तीनों प्लांटों से प्रति मिनट 1500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि अस्पताल परिसर में तेल कंपनी की ओर से तीन ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। प्रत्येक प्लांट की एक मिनट में 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करने की क्षमता है।

आवश्यकता के हिसाब से ऑक्सीजन मिलता रहेगा
इस तरह तीनों प्लांट एक मिनट में कुल 1500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन करेगा। इससे आसानी से निर्बाध्य रुप से 300 बेड को ऑक्सीजन की सप्लाई मिलता रहेगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांटों से ऑक्सीजन उत्पादन शुरु होने से बाहर से ऑक्सीजन मांगने की जरूरत आपात काल में ही पड़ेगी। ऐसे में इन प्लांटों से आवश्यकता के हिसाब से ऑक्सीजन मिलता रहेगा। मौके पर जीएमसीएच के प्राचार्य डॉ परशुराम युगल, उपाधीक्षक डॉ श्रीकांत दूबे, तेल कंपनी के अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे।

जीएमसीएच में बाहर से मंगाया जाता था ऑक्सीजन सिलेंडर
कोरोना काल के दूसरी लहर के दौरान व उसके पूर्व जीएमसीएच में बाहर से ऑक्सीजन मंगाना पड़ता था। जिसके कारण ऑक्सीजन की कमी बना रहता था। किसी तरह अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन सप्लाई की निरंतरता को बनाये रखता था। अगर आंकड़ों पर गौर किया जाय,तो 500 से ज्यादा ऑक्सीजन सिलेंडर बाहर से जीएमसीएच में आपूर्ति होती थी। कोरोना के दूसरी लहर में पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि से ऑक्सीजन सिलेंडर जीएमसीएच प्रशासन मंगता था,ताकि कोविड पीड़ित मरीजों को निर्बाध्य रुप से ऑक्सीजन मिलता रहे।

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