पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

परेशानी:आईएमए के राष्ट्रीय विरोध दिवस पर ओपीडी रहा बंद

बेतियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बहिष्कार के दौरान आपात सेवाओं को चालू रखा

बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के जिला ईकाई ने आईएमए के राष्ट्रीय विरोध दिवस को सफल बनाने के लिए शुक्रवार को शहर के सभी प्राइवेट नर्सिंग होम व क्लीनिक में ओपीडी को बंद रखा। सुबह 8 से 11 बजे तक ओपीडी का बहिष्कार कर चिकित्सकों ने काला बिल्ला लगाया। हालांकि आपात सेवाओं को चालू रखा गया। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. सुशील चौधरी ने बताया कि चिकित्सकों व चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा के लिए केन्द्रीय कानून बनना चाहिए। चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों पर हमला करने वालों को 10 साल की सला मिले।

इसके लिए सरकार को आईपीसी व सीआरपीसी में संशोधन करना चाहिए। वहीं सचिव डॉ. मोहनीष सिन्हा ने कहा कि चिकित्सक व उनके संस्थानों में आने वाले मरीज व उनके परिजन हमेशा इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते है। लेकिन काड़ा कानून नहीं होने के चलते उन्हें सजा नहीं मिल पाती है। इधर, नगर के वरीय चिकित्सकों डॉ. मीरा चौधरी, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अनिल मोटानी, डॉ. महाश्रय सिंह, डॉ. श्रीकांत दुबे, डॉ. एसएन कुलियार, डॉ. मंजू चौधरी, डॉ. दीपक जायसवाल आदि ने भी विरोध जताया।

खबरें और भी हैं...