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जताया विरोध:स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने किया बैंकों के खिलाफ प्रदर्शन, कर्ज वसूली बंद करने की मांग की

बेतियाएक महीने पहले
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  • कहा कोरोनाकाल में माइक्रो फाइनेंस व प्राइवेट बैंक कर्जदारों से बंद करे वसूली

राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के बैनर तले गुरुवार को नगर के पोखरा चौक स्थित रामजानकी मंदिर परिसर में स्वयं सहायता समूह की महिला कर्जदारों ने माइक्रो फाइनेंस व प्राइवेट बैंकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला कर्जदारों ने कार्यक्रम को कर्जामुक्ति दिवस के रूप में मनाया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल ऐपवा नेत्री ममता देवी ने कहा कि कोरोनाकाल व लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक ने 31 अगस्त तक सभी कर्ज वसूली पर रोक लगाने का निर्देश जारी किया था।

लेकिन इस दौर में भी माइक्रो फायनांस संस्थान और प्राइवेट बैंक कर्ज की किस्त वसूल कर रहे हैं। हालांकि इस पर विरोध के बाद कुछ ने राहत दे दी। बावजूद इसके अभी भी कई जगहों पर माइक्रो फायनांस संस्थान और प्राइवेट बैंक कर्ज वापस करने के लिए दबाव दे रहे हैं। कर्जदारों द्वारा असमर्थता जताने पर धमकी दी जा रही है। कहीं कोई महिला अगर किस्त जमा करने की स्थिति में नहीं है तो उसके घर का सामान तक उठा लिया जा रहा है। जबकि लॉकडाउन अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है। छोटे व्यवसाय व काम बंद है।

लॉकडाउन से पहले महिलाओं ने जो भी कर्ज लिया है वो उनकी मजबूरी थी। आज जब भोजन का इंतजाम भी कर पाना कठिन है तो लोन की किस्त कहां से जमा करें? विरोध कर रही महिलाओं ने कर्ज वसूली बंद करने की मांग की है। वहीं टेम्पु चालक संध के नेता बालकुंअर राम ने कहा कि सरकार जब बड़े-बड़े उद्योगपतियों का कर्ज पलक झपकते हीं माफ कर देती है तो आज इस कोरोनाकाल में गरीबों का कर्ज क्यूं नहीं माफ किया जा रहा है। उन्होंने मार्च 2021 तक सभी कर्ज माफ करने की मांग सरकार से की। कार्यक्रम में शोभा देवी, रबड़ा खातून, सबया खातून, ममता देवी, सुदामा देवी समेत दर्जनाधिक महिलाएं शामिल थी।

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