घुसखोरी:शिक्षक से वेतन भुगतान के लिए 45 हजार रिश्वत लेते बीआरपी गुड्डू कुमार को निगरानी टीम ने पकड़ा

बेतियाएक महीने पहले
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निगरानी विभाग की गिरफ्त में बीआरपी गुड्डू कुमार (लाल घेरे में)। - Dainik Bhaskar
निगरानी विभाग की गिरफ्त में बीआरपी गुड्डू कुमार (लाल घेरे में)।
  • बानुछापर स्थित जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय के समीप चाय दुकान से हुई गिरफ्तारी

बेतिया समग्र शिक्षा अभियान के बीआरपी गुड्डू कुमार 45 हजार रुपये लेते निगरानी टीम ने मंगलवार को गिरफ्तार कर ली है। गुड्डू कुमार की गिरफ्तारी बानुछापर जिला शिक्षा कार्यालय के समीप स्थित एक चाय के दुकान से की गई है। निगरानी टीम गुड्डू कुमार को बिना देर किये ही बेतिया से लेकर प्रस्थान कर गई। हालांकि इसी बीच लोग यह नहीं समझ सके कि गुड्डू कुमार की गिरफ्तारी पुलिस ने की है या फिर निगरानी विभाग की टीम ने की है। बता दें कि गुड्डू कुमार डीपीओ कार्यालय में बीआरपी के पद पर कार्यरत थे। निगरानी की टीम ने मंगलवार की दोपहर डीपीओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी के कार्यालय के बीआरपी गुड्डू कुमार को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। गुड्डू कुमार बानुछापर स्थित डीईओ कार्यालय के समीप एक चाय की दुकान में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवटिया बगहा के शिक्षक सुभाष चंद्र प्रसाद से वेतन रिलीज करने के लिए रिश्वत ले रहे थे। निगरानी टीम गिरफ्तार क्लर्क का एक पॉट में हाथ धुलाई और पानी को संग्रहित करने के बाद क्लर्क को अपने साथ लेकर पटना चली गई है। पूर्व में भी निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ने वालों में सहायक श्रम आयुक्त संतलाल चौधरी, वाणिज्य कर आयुक्त अभिमन्यु सिंह, पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता सुरेन्द्र प्रसाद, ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक अवधेश राय, सहायक आपूर्ति पदाधिकारी उत्तमचंद दास, आईसीडीएस लिपिक अरविंद कुमार सिंह, नप ईओ दिनेश मालवीय, लिपिक नंदकिशोर मिश्र, मार्केटिंग अधिकारी मदन रजक, डीडीओ जवाहर सिंह आदि है।

जिला शिक्षा महकमे में रिश्वतखोरों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है

शिक्षा विभाग में बढ़ रही रिश्वतखोरों की फेहरिस्त

जिला शिक्षा महकमे में रिश्वतखोरों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। पिछले पांच वर्षों में दो प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा कार्यालय का एक लिपिक रिश्वतखोरी मामले में निगरानी के हत्थे चढ़ चुके है। अबतक जिन लोगों को निगरानी ने उठाया है उसमें रामनगर बीईओ विजय कुमार वर्मा, मधुबनी बीईओ नागेन्द्र शर्मा, स्थापना लिपिक फकरे आलम का नाम शामिल है। जबकि चौथा मामला गुड्डू कुमार का है।

गांधी नगर निवासी उमवि रजवटिया के सहायक शिक्षक सुभाष चंद्र ने की थी शिकायत

निगरानी धावा दल के प्रभारी डीएसपी अरुण कुमार पासवान ने बताया कि बगहा गांधी नगर वार्ड 17 निवासी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रजवटिया बगहा के सहायक शिक्षक सुभाष चंद्र प्रसाद ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आलोक में जांच के बाद 45 हजार रुपये रिश्वत लेते क्लर्क गुड्डू कुमार को गिरफ्तार किया गया है। गुड्डू बगहा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। डीएसपी ने बताया कि शिकायतकर्ता सहायक शिक्षक सीआरसी व बीआरसी केन्द्र का काम करा रहे थे। इस बीच बीईपी के एडीपीसी ने उनसे फोन कर पूछा कि आप किसके आदेश से काम करा रहे है।

तो शिक्षक ने बताया कि बीईओ बगहा ने उन्हें काम कराने को कहा है। तो एडीपीसी ने उनसे अनुमोदन की कॉपी मांगी। अनुमोदन की कॉपी के सिलसिले में वे डीपीओ से मिले। जिसके बाद डीपीओ ने विगत 14 सितंबर को शिक्षक के वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की थी। शिक्षक ने 18 सितंबर को स्पष्टीकरण का जवाब दे दिया। लेकिन स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं होने पर वेतन रिलीज नहीं किया गया। इसके बाद सहायक शिक्षक 12 नवंबर को डीपीओ से मिले। डीपीओ ने बीआरपी गुड्डू कुमार से मिलने को कहा। जब शिक्षक गुड्डू कुमार से मिले तो उसने वेतन भुगतान करने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई। गुड्डू ने कहा कि 45,000 साहब को देना पड़ेगा व 5000 मुझे देना होगा। शिक्षक की आरजू मिन्नत करने पर 45 हजार रुपये में मामला तय हो गया।

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