मगर से भिड़ने वाले बड़े भाई की कहानी:बोला- भैंस को नहलाने के दौरान मगरमच्छ ने किया था हमला; मुझे सिर्फ दिख रहा था छोटा भाई

बेतिया5 महीने पहले
साहस के लिए पुरस्कृत धीरज कुमार (दायं) अपने छोटे भाई नीरज कुमार (बायं टोपी लगाए) के साथ। - Dainik Bhaskar
साहस के लिए पुरस्कृत धीरज कुमार (दायं) अपने छोटे भाई नीरज कुमार (बायं टोपी लगाए) के साथ।

योगापट्टी प्रखंड में क्लास 8 का छात्र धीरज अपनी वीरता की वजह से आज पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस साल 26 जनवरी को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 14 साल के धीरज ने पिछले साल 2 सितंबर को मगरमच्छ से लड़ने और भाई की जान बचाने की पूरी दास्तान सुनाई। धीरज ने यह भी बताया कि जब उसके भाई पर विशालकाय मगरमच्छ ने हमला किया था। तो उसे केवल उसका घायल छोटा भाई ही नजर आ रहा था। इस वजह से उसने अपने साहस का परिचय देते हुए मगरमच्छ को भागने पर मजबूर कर दिया।

मगरमच्छ से भाई की बचाई जान, मिलेगा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार:बेतिया के धीरज से PM मोदी ने की बात; कहा- फौजी बनकर देश की सेवा करूंगा

जानते हैं धीरज की जुबानी पूरी कहानी
2 सितंबर गुरुवार का दिन था। मैं अपने छोटे भाई नीरज कुमार (11) के साथ भैंस चराने के लिए गया था। भैंस कीचड़ से लथपथ थी। इसीलिए सोचा कि इसे नहला दिया जाए। मैं और भाई गंडक नदी की एक सोती में उतरे और भैंस को नहलाने लगे। अचानक नीरज जिस ओर था उधर से एक विशालकाय मगरमच्छ निकला और सीधे भाई पर हमला कर दिया। भाई चिल्लाने लगा। मैं घबराया नहीं और भाई को बचाने के लिए मगरमच्छ से भिड़ गया। हाथ मैं भैंस चराने की लाठी थी। उसी से मगरमच्छ की पिटाई शुरू कर दी। लगभग 10-15 मिनट बीते होंगे। छोटा भाई मगरमच्छ की चंगुल से बाहर आ गया था। फिर मैं भी पानी से बाहर निकल आया। इसके बाद हम दोनों ही अस्पताल पहुंचे और हमारा इलाज शुरू हुआ। सोमवार को मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई। यह मेरे लिए काफी गर्व की बात है। मैं भविष्य में फौजी बनकर देश की सेवा करना चाहता हूं।

घर में अपने भाई नीरज कुमार के साथ धीरज कुमार।
घर में अपने भाई नीरज कुमार के साथ धीरज कुमार।

किसे मिलता है यह सम्मान
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार नवाचार, वीरता, शैक्षणिक उपलब्धि, समाज सेवा, कला और संस्कृति तथा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 05-18 आयु वर्ग के बच्चों को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति पत्र के साथ एक लाख रुपए की राशि दी जाती है।

खबरें और भी हैं...