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कलश स्थापनइंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित आदि शक्ति पीठ मां सुभद्रा:मां सुभद्रा का दर्शन करने पहुंचे भक्त कोरोना के कारण बंद है मुख्य द्वार

बेतिया10 दिन पहले
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  • इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित आदि शक्ति पीठ मां सुभद्रा मंदिर में कलश स्थापन

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित आदि शक्ति पीठ मां सुभद्रा मंदिर में शनिवार को ग्यारह कन्याएं के द्वारा कलश स्थापना का कार्य पुरा किया गया। कोरोना काल में दूसरी बार नवरात्र में यह समय आया जब कोरोना को लेकर पूजा पाठ पर बंदिशें लगी रही। श्रद्धालु पहुंच तो रहें हैं लेकिन कई श्रद्धालुओं को माता के दर्शन करने की ललक पुरी नही हो पा रही हैं। इसके पूर्व कोरोना के शुरुआती दौर में चैती नवरात्र में भी भक्त घर से ही पूजा किए । इस बार शारदीय नवरात्र में मां सुभद्रा के मंदिर का उत्तरी कपाट भक्तों के लिए खुले जरूर हैं।

फिर भी कई तरह की बंदिशों के कारण माता के दर्शन के लिए भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा हैं। शारदीय नवरात्र पर मां भगवती की पूजा - पाठ को लेकर लोगों में उमड़ने वाला उत्साह सरकार की बंदिशों की वजह से फीका जरूर हुआ है। लेकिन भगवती के प्रति आस्था कम नहीं हुई है।

लोगों में है आक्रोश : लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश जरूर है कि जब सभी चीजें खुल चुकी हैं। यहां तक की चुनावी सभाओं को भी मंजूरी मिल चुकी है । ऐसे में नवरात्र जैसे महापर्व में इस कदर पाबंदियां लगाना कहां तक उचित है। शारदीय नवरात्र को लेकर इस बार सरकार ने पूजा पंडालों के निर्माण पर रोक लगा रखी है। वही मंदिरों में भी साज सज्जा न के बराबर दिखाई दे रहे हैं। आमतौर पर नवरात्र को लेकर जो चहल - पहल उत्साह व उमंग सुभद्रा मंदिर परिसर में दिखाई पड़ता था वह नही था । लेकिन थरूहट क्षेत्र के इस ऐतिहासिक मंदिर में परंपरागत तरीके से बंदिशों का पालन करते हुए पूजा- पाठ किया गया। वही शुभ मुहूर्त पर कलश स्थापना में मात्र ग्यारह कन्याएं ही भाग ले पाई।

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