तीसरी लहर:डीडीसी, एसएसपी, दो डॉक्टर और दो नर्स समेत 17 नए कोरोना पॉजिटिव

दरभंगा14 दिन पहले
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पुलिस लाइन केंद्र पर युवती की कोरोना जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। - Dainik Bhaskar
पुलिस लाइन केंद्र पर युवती की कोरोना जांच करते स्वास्थ्य कर्मी।
  • जो आइसोलेशन में हैं, उन्हें 7 दिनों के बाद कोई लक्षण नहीं होने पर स्वस्थ्य माना जाएगा

जिले के 9000 लोगों की कोरोना जांच में फिर 17 पॉजिटिव मिले। रैपिड एंटीजन किट से जांच में डीडीसी, एसएसपी व एक न्यायिक पदाधिकारी, डीएमसीएच के 2 जूनियर डॉक्टर, 2 नर्स व बेनीपुर के प्रखंड कार्यालय में कार्यरत पंचायती राज पदाधिकारी के कोरोना पॉजिटिव होने से प्रखंड कार्यालय के कर्मियों में दहशत फैल गया है। इसके साथ ही कोरोना पॉजिटिव में मिथिला मेनोरिटी डेंटल कॉलेज की 2 इंटर्न छात्रा, एक समस्तीपुर के भगवानपुर मरीज समेत डीएमसीएच के कुछ कर्मी भी शामिल हैं। सभी लोग होम आइसोलेशन में है। कोरोना के बढ़ते मामले के बाद भी लोग मास्क नहीं लगा रहे हैं। वहीं, प्रशासन भी इस पर सख्ती नहीं बरत रही है।

पड़ताल में यह देखा गया कि शहर के सबसे अधिक भीड़-भाड़ वाले चट्‌टी चौक, बेंता चौक, अल्लपट्‌टी व दोनार चौक के सड़कों से गुजरने वाले अधिक लोग बिना मास्क में घूम रहे हैं। कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 145 तक पहुंच गई है। जानकारी के अनुसार बहादुरपुर प्रखंड में 550 लोगों की जांच की गई थी। जिसमें एसएसपी व डीडीसी कोरोना पॉजिटिव मिले। जबकि कोर्ट परिसर में 100 लोगों की जांच में न्यायिक पदाधिकारी पॉजिटिव मिल हैं। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 145 तक पहुंच गई है। इधर, कोरोना के लगातार बढ़ते मामले को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव जावेद आलम शुक्रवार की दोपहर डीएमसीएच के आईसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया।

बेनीपुर प्रखंड के पंचायती राज पदाधिकारी भी पाए गए कोरोना संक्रमित

डॉक्टर व नर्स हर परिस्थिति से निबटने को तैयार : अधीक्षक

डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. हरिशंकर मिश्रा ने कहा कि सभी 4 ऑक्सीजन प्लांट पूरी तरह तैयार है। इस बार अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। आइसोलेशन में 4 डॉक्टर, 16 नर्स व 4 सफाई कर्मियों की रोस्टर डयूटी लगा दी गई है। हमारे डॉक्टर व नर्स किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए तैयार है। मरीजों के बढ़ने के साथ ही डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की डयूटी भी बढ़ाई जा सकती है। ज्ञात हो कि पिछले साल ऑक्सीजन को लेकर मारा-मारी हो रही थी। मरीजों को अपने परिजन के लिए खुद से ऑक्सीजन बेडों तक पहुंचानी पड़ी थी।

घर जाकर कोरोना मरीजों का डॉक्टर करेंगे इलाज

सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि जो लोग होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। नए गाइड लाईन के अनुसार उन्हें 7 दिनों के बाद कोई भी लक्षण नहीं होने पर स्वस्थ्य माना जाएगा। उसे दूसरी बाद कोरोना जांच की जरूरत नहीं है। अब जो भी लोग होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। उसे घर पर ही जाकर डॉक्टर देखेंगे। ये डॉक्टर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के कॉल सेंटर नंबर पर फोन करने पर मदद के रूप में मरीज के घर पर जाकर इलाज करेंगे।

बेनीपुर का ऑक्सीजन प्लांट चालू नहीं हुआ
बेनीपुर अनुमंडलीय अस्पताल में स्थापित 500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट अभी तक चालू नहीं हो सका। वहीं, 23 दिसंबर को ही मॉक ड्रिल में ही यह प्लांट विफल साबित हो गया था। जिसमें ऑक्सीजन शुद्धता मापक यंत्र खराब है, जो 17 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक ठीक नहीं हो सका है। जिस तरह से कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है और प्लांट चालू नहीं होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।‌ यह प्लांट प्रधानमंत्री केयर फंड से 18 लाख रुपए की लागत से लगाया गया था। प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. जितेंद्र नारायण ने बताया कि ऑक्सीजन शुद्धता मापने वाले यंत्र में गड़बड़ी होने की शिकायत उच्चाधिकारियों सहित निर्माण कंपनी को अवगत करा दिया गया है। जबकि 75 बेडों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन का कार्य पूरा कर लिया गया है।

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