पौधों के जीवन चक्र पर वैज्ञानिक ने डाला प्रकाश:17 पोषक तत्व की जरूरत होती है : डॉ. आनंद राकेश

दरभंगाएक महीने पहले
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रासायनिक उर्वरक की कमी का सामना कर रहे किसानाें को कृषि विज्ञान केन्द्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ आनन्द प्रसाद राकेश ने बताया कि सरकार इसकी कमी न हो इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। रासायनिक खादों का अन्य विकल्प क्या है तथा बिना रासायनिक खादों के उपयोग के फसल पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, इसे समझना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पौधों को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिए 17 पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इन्हें हम आवश्यक पोषक तत्व कहते हैं। इन तत्वों की कमी होने पर ऊपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तथा भरपूर फसल नहीं मिल पाती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड में की गई अनुशंसाओं को ध्यान में रखते हुए पोषक तत्वों का संतुलित प्रयोग करना चाहिए। जैविक खाद मिट्टी की भौतिक दशा को सुधारने के साथ पोषण तत्वों की भी अल्प मात्रा में आपूर्ति करता है। इसके प्रयोग से मिट्टी में लाभदायक सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ती है। इससे पोषक तत्वों की भी उपलब्धता बढ़ती है। रासायनिक उर्वरकों का अंधाधुंध उपयोग कृषि उत्पादन का लागत बढ़ाने के साथ अन्य पोषक तत्वों की उपलब्धता को प्रभावित करता है। इसके साथ ही मिट्टी, जल एवं वायु को प्रदूषित करता है। इसलिए किसानों को जैविक खाद, जीवाणु खाद, हरी खाद, पौधों के अवशेष का प्रयोग कर मिट्टी की भौतिक दशा में सुधार के साथ पोषक तत्वों की उपयोग क्षमता बढ़ाना चाहिए। अगर किसान रासायनिक खादों का प्रयोग नहीं करते हैं तो फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। इसलिए पौधों को पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए अन्य विकल्पों का प्रयोग करना आवश्यक है।

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