आया परिणाम:कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी व किरतपुर प्रखंड के 25 मुखिया हारे, सिर्फ 6 ही जीत पाए

दरभंगाएक महीने पहले
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बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र के अंदर गिनती के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों की उमड़ी भीड़। कोरोना के मद्देनजर किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। - Dainik Bhaskar
बाजार समिति स्थित मतगणना केंद्र के अंदर गिनती के दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों की उमड़ी भीड़। कोरोना के मद्देनजर किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था।
  • तीनाें प्रखंडाें में कुल 31 पंचायतें हैं, एक पंचायत का देर से आया परिणाम

जिले में अंतिम चरण में कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी व किरतपुर प्रखंड की 31 पंचायतों के चुनाव की मतगणना में 25 निवर्तमान मुखिया काे हार का सामना करना पड़ा। 6 निवर्तमान मुखिया ही अपनी सीट बचा पाए। कुशेश्वरस्थानपूर्वी प्रखंड के निवर्तमान 9 मुखिया में से 1, कुशेश्वरस्थान प्रखंड के निवर्तमान 14 मुखिया में 2 एवं किरतपुर प्रखंड में निवर्तमान 8 मुखिया में से 3 निवर्तमान मुखिया ने अपनी सीट बचा पाए। मतगणना केंद्र पर प्रत्याशी व उनके समर्थक सुबह 6 बजे से ही वहां पहुंचने लगे।

जैसे ही परिणाम आने के साथ ही समर्थकों ने मतगणना केंद्र के मुख्य गेट पर विजयी प्रत्याशियाें को रंग, गुलाल व फूल माला से स्वागत किया। जैसे-जैसे मतों की गिनती होती गई वैसे वैसे ही विजयी प्रत्याशी के समर्थकों के बीच जश्न का माहौल देखने को मिला। 31 नवनिर्वाचित मुखियाें में 14 महिला एवं 17 पुरुष हैं। जनता ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी के एक, कुशेश्वरस्थान प्रखंड के 2 और किरतपुर के 3 निवर्तमान मुखियाें को ही पंचायत के विकास के लिए दाेबारा कमान साैंपी है।

जिला परिषद की 4 सीटाें का आया परिणाम, सब पर नए चेहरे जीते

तीनाें प्रखंडाें में जिला परिषद की कुल चारों सीटाें नए चेहरे सामने आए। जिला परिषद क्षेत्र संख्या 42 से कुलसुम बेगम ने 12868 मत लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी हीरा देवी को 4292 मतों से पराजित किया। क्षेत्र संख्या 45 से राजेन्द्र प्रसाद ने 4511 मत लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी मुरारी पासवान 738 मतों से पराजित किया एवं क्षेत्र संख्या 47 से पूनम मणि शर्मा ने 8468 मत लाकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी ममता देवी को 2536 मतों से पराजित। क्षेत्र संख्या 46 से गुणेश्वर ठाकुर ने अशोक साहू को पराजित किया। मतगणना केंद्र के बाहर समर्थकों की अपार भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से भारी संख्या में पुलिस की व्यवस्था की गई थी। जैसे-जैसे चुनाव का परिणाम आता जा रहा था समर्थकों के बीच उत्साह उसी तरह से बढ़ रहा था। पुलिसकर्मियों ने विजय प्रत्याशियाें के समर्थकों को कई बार समझा-बुझाकर पीछे करने की कोशिश की किंतु वे लोग समझने को तैयार नहीं थे।

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