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केंद्रीय टीम ने किया निरीक्षण:बाढ़ से पथ निर्माण विभाग की 45 और ग्रामीण कार्य विभाग की 306 सड़कें हो गईं क्षतिग्रस्त

दरभंगा22 दिन पहले
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कलेट्रेट में केंद्रीय टीम की समीक्षा बैठक में शामिल पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
कलेट्रेट में केंद्रीय टीम की समीक्षा बैठक में शामिल पदाधिकारी।
  • जिले में बाढ़ से हुई क्षति व राहत बचाव का 6 सदस्यीय टीम ने लिया जायजा

कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर सभागार में सोमवार को केंद्रीय टीम ने दरभंगा, मुजफ्फरपुर व समस्तीपुर के डीएम व अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति और उससे हुई क्षति का आकलन किया। संयुक्त सचिव राकेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची 6 सदस्यीय टीम ने बारी-बारी से तीनों जिले के डीएम से बाढ़ से बचाव व राहत कार्य के साथ ही हुई क्षति की जानकारी ली। इसमें सबसे पहले दरभंगा के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहा कि जिले के केवटी एवं बहादुरपुर अधवाड़ा समूह से, बेनीपुर एवं हायाघाट बागमती से एवं कुशेश्वरस्थान, घनश्यामपुर एवं गौड़ाबौराम कमला-बलान नदी में आई बाढ़ प्रभावित रहा। बाढ़ से 130 पंचायत की 7.64 लाख जनसंख्या प्रभावित हुई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 410 नाव चलाई गई। 290 सामुदायिक किचन 6 जुलाई से चलाया गया।

अभी भी 75 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं जिसमें 83 हजार लोग भोजन कर रहे हैं। बाढ़ से पूर्णतः 2 लाख 67 हजार 568 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं। जिनमें से 2 लाख 6 हजार को जीआर की राशि 6 - 6 हजार रुपए की दर से दिए जा चुके है। बाढ़ के दौरान सर्पदंश से 2 लोगों की मृत्यु हुई जिन्हें 4 - 4 लाख रुपए मुआवजा दिया जा चुका हैं। बैठक में अपर सचिव एम रामचन्द्रडू, निदेशक (पब्लिक फाइनेंस स्टेट) दीपेंद्र कुमार, निदेशक संजीव कुमार सुमन, निदेशक डॉ. मान सिंह, उप सचिव शैलेश कुमार, अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार लाल आदि मौजूद थे। समस्तीपुर में तीन चरण में आई बाढ़ से 406567 लोग हुए प्रभावित | समस्तीपुर के डीएम शशांक शुभंकर ने कहा कि समस्तीपुर जिला में 3 चरण में बाढ़ आयी। बागमती, बूढ़ी गंडक एवं कलेर नदी क्षेत्र में 7 जुलाई से 1 अगस्त के बीच बाढ़ आयी। जिससे 50 गांव के 70 हजार 867 लोग प्रभावित रहें। गंगा नदी क्षेत्र में 12 अगस्त से 29 अगस्त के बीच बाढ़ रही जिससे 108 गांव के 3 लाख 29 हजार 740 लोग प्रभावित रहें। जबकि 27 अगस्त से नून एवं बाया नदी क्षेत्र में बाढ़ आयी। जिससे 15 गांव के 5 हजार 960 लोग प्रभावित रहें। पूरे जिला में 4 लाख 6 हजार 567 लोग बाढ़ प्रभावित हुए।

896 कच्चा मकान, 630 पशु शेड और 1 लाख 40 हजार हेक्टेयर में फसल प्रभावित हुआ। ग्रामीण कार्य विभाग के 215 एवं पथ निर्माण विभाग के 40 सड़कें बाढ़ प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर एक बड़ा दुग्ध उत्पादन केन्द्र है और प्रतिदिन 3 लाख लीटर दुध का संग्रहण किया जाता है। बाढ़ के कारण पशुपालकों को काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान में प्रतिदिन 1 लाख 60 हजार लीटर दुध का संग्रहण किया जा रहा है। 93 हजार 787 परिवार बाढ़ प्रभावित रहें जिसमें 35 हजार 955 के बीच जीआर का वितरण हो गया है।

मुजफ्फरपुर में बाढ़ में डूबने से 95 लोगों की हुई मौत
मुजफ्फरपुर के डीएम प्रणव कुमार ने कहा कि बागमती नदी से ओराई, कटरा एवं गायघाट, गंडक नदी से साहेबगंज, पारू एवं सरैया तथा बूढ़ी गंडक से जिले के लगभग सभी प्रखण्ड प्रभावित हुए है। इस वर्ष मई में 5 गुणा तथा जून, जुलाई एवं अगस्त में 2 गुणा बारिश हुई है। जिसके कारण मुजफ्फरपुर के 12 प्रखण्ड के 138 पंचायत जिनमें 21 पंचायत पूर्णतः एवं 117 पंचायत अंशतः प्रभावित रहें। 822 वार्डों के 4 लाख 40 हजार 274 जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित रहा। सकरा, मीनापुर एवं बोचहां प्रखण्ड के अनेक पंचायत अभी भी बाढ़ प्रभावित है।

बाढ़ के कारण 205 झोपड़ी, 102 पशु शेड क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ के दौरान गहरे पानी में नहाने, मछली मारने तथा डूबने से 95 लोगों की मृत्यु हुई है। 47.59 प्रतिशत फसल क्षति हुई। जिले के 59 हजार 501 हेक्टेयर का फसल प्रभावित हुआ। जिले के 463 सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं। पथ निर्माण विभाग-1 के 16 तथा पथ निर्माण विभाग-2 के 16 रोड प्रभावित हुए हैं। 197 सामुदायिक रसोई में 20 लाख लोगों को भोजन कराया गया है। 93 हजार 508 परिवार बाढ़ प्रभावित हुए जिनमें से 83 हजार 576 परिवारों को जीआर की राशि उपलब्ध करायी जा चुकी है।

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