अपील / सिंहवाड़ा, बहेड़ी, हायाघाट, हनुमाननगर बिरौल में टिड्डियाें के हमले को ले अलर्ट

Alert to locust attack in Sinhwada, Bahedi, Hayaghat, Hanumannagar Birol
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Alert to locust attack in Sinhwada, Bahedi, Hayaghat, Hanumannagar Birol

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

दरभंगा. टिड्डियों के संभावित हमले को देखते हुए इसको खत्म करने के लिए फायर बिग्रेड की टीमाें को  तैनात रहने का निर्देश दिया गया है। राज्य के पश्चिम चंपारण जिले के कुछ प्रखंडों मे टिड्डी दलों के आगमन की सूचना है। आशंका है कि टिड्डियों का यह दल समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर व सीतामढ़ी जिलाें की सीमा से सटे जिला के प्रखंडों में हमला कर सकता है। ये बातें डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने कहीं। अपने कार्यालय कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने कहा कि जिले के सिंहवाड़ा, बहेड़ी, हायाघाट, हनुमाननगर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड टिड्डियों के आगमन काे लेकर विशेष रूप से संवदेनशील हैं। टिड्डियों के हमले से फसलों को बचाने के लिए सभी लोगों को पूर्ण सतर्क एवं जागरूक रहना होगा।

उन्होंने बीडीओ व बीएओ को जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर टिड्डियों के हमले से सुरक्षा की जानकारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सतर्क एवं सजग रहकर बड़ी से बड़ी घटना को भी टाला जा सकता है। टिड्डियों के आने एवं कहीं बैठने की सूचना तुरंत मुख्यालय को दें। बैठक में पीडी आत्मा शकील अख्तर अंसारी, फायर ब्रिगेड के प्रभारी रमेश कुमार एवं अन्य अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
शोर मचाने से टिड्डियों का दल हवा की दिशा में बाहर निकल जाएगा | डीएम ने कहा कि टिड्डियों के आगमन हो जाने पर सभी को एक साथ शोर मचाना चाहिए। इसके लिए ड्रम, थाली, घंटी, ढोलक, टीन का इस्तेमाल उपयोगी हो सकते हैं। टिड्डियों का दल समूह में तेजी से उड़ता  है। इसलिए टिड्डियों के आते ही सभी लोगों को जोर-जोर से शोर मचाना चाहिए। एक या दो लोगों के शोर मचाने से यह नहीं भागेगा। इसलिए ज्यादा संख्या में लोगों की ओर से शोर मचाने से टिड्डियों का दल हवा की दिशा में बाहर निकल जाएगा।
टिड्डियों को खत्म करने के लिए फायर बिग्रेड की 10 टीमें तैयार | जिला कृषि पदाधिकारी समीर कुमार ने कहा कि टिड्डियों के हमले से फसलों को बचाने के लिए कंटिंजेंट प्लान तैयार कर लिया गया है। अगर टिड्डियों का झुंड कहीं बैठ जाता है तो कीटाणुनाशक दवा का इसपर छिड़काव कर इसे खत्म कर दिया जाएगा। टिड्डियों को खत्म करने के लिए फायर बिग्रेड की 10 टीमों को तैयार किया गया है। 

टिड्डियों का दल हमेशा ग्रुप व क्लस्टर में उड़ता है
कृषि विज्ञान केन्द्र जाले के वैज्ञानिक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने टिड्डियों को पहचानने का तरीका बताते हुए कहा कि मादा टिड्डी का आकार नर टिड्डी से बड़ा होता है। टिड्डियों का दल हमेशा ग्रुप व क्लस्टर में उड़ता है। इनकी संख्या लाखों में होती है। टिड्डी का अंडा चावल के दाने के आकार का होता है। अंडा से टिड्डी के निकलने में 35-40 दिन लगते हैं। टिड्डियों का रंग अलग अलग प्रकार का होता है। इससे बचने का सबसे कारगर तरीका यह है कि इसे कहीं बैठने न दें। एक साथ ज्यादा शोर होने पर ये उपर-उपर ही निकल जाते हैं।

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