रिसर्च के लिए अब प्रोत्साहन राशि देगा LNMU:2 वर्षीय बीपीएड पाठ्यक्रम का संचालन होगा, लोककला में डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू होगी

पटना4 महीने पहले
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पीजी भूगोल विभाग में संसाधन के आधार पर सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन होगा। - Dainik Bhaskar
पीजी भूगोल विभाग में संसाधन के आधार पर सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन होगा।

ललित नारायण मिथिला यूनिवर्सिटी (LMNU) के सीनेट की गुरुवार को हुई ऑनलाइन बैठक में 16.59 अरब रुपए के घाटे का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया। विश्वविद्यालय का कुल व्यय 17 अरब 44 करोड़ 40 लाख 94 हजार 331 रुपए आंका गया है। जबकि आय 85 करोड़ 22 लाख 40 हजार 114 रुपए का दिखाया गया है। अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से अंगीभूत बीएमए कॉलेज बहेड़ी में विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में डिग्री स्तर की पढ़ाई होगी। पीजी भूगोल विभाग में संसाधन के आधार पर सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन होगा।

2 वर्षीय बीपीएड पाठ्यक्रम का संचालन होगा

शोध कार्य के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। 2 वर्षीय बीपीएड पाठ्यक्रम का संचालन होगा। दूरस्थ शिक्षा के अधीन इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन की स्थापना होगी, जिसमें बीलिस, एमलिस बीबीए, एमबीए, बीसीए, एमसीए, एमए इन एजुकेशन, बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स के साथ अन्य व्यावसायिक कोर्सों का भी संचालन होगा। मिथिला लोककला में डिग्री स्तर की पढ़ाई शुरू की जाएगी। कुलपति ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में सीनेट की यह दूसरी बैठक है। वैश्विक महामारी में सर्वाधिक प्रभाव शैक्षणिक-व्यवस्था पर पड़ा है।

शिक्षक एवं अधिकारी छात्र-हित में ऑनलाइन वर्ग लेते रहे

कोविड-19 के कारण कुछ समय के लिए स्नातकोत्तर विभाग एवं महाविद्यालय बंद करने पड़े। लेकिन शिक्षक एवं अधिकारी छात्र-हित में ऑनलाइन वर्ग लेते रहे। परीक्षाएं नियमित सत्र के साथ संचालित होती रही हैं। यही कारण है कि पूरे बिहार में एक मात्र एलएनएमयू का एकेडमिक सत्र नियमित चल रहा है, यह गर्व की बात है। यही नहीं, विवि स्थापना के 50 वें वर्ष में इस वैश्विक महामारी के दौर में 61 राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किए। 12 अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किए गए एवं 103 एकेडमिक प्रतिस्पर्धा संचालित हुई।

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