आयोजन:स्तनपान कराना हर मां का कर्तव्य, इससे ही होता है बच्चे का सर्वांगीण विकास

दरभंगा2 महीने पहले
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  • डीएमसीएच के शिशु विभाग में विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन पर कार्यक्रम

अपने बच्चे को स्तनपान हर मां का कर्तव्य है और बच्चे का अधिकार है। वर्तमान में गलत धारणाओं के कारण लोग भ्रमवश डब्बे का दूध पिलाने लगे हैं, जो बच्चे के लिए हानिकारक है। स्तनपान सप्ताह हर साल स्तनपान के महत्व को रेखांकित करने के लिए पूरे विश्व में मनाया जाता है। ये बातें डीएमसीएच के शिशु विभाग में विश्व स्तनपान सप्ताह के समापन पर शनिवार को प्राचार्य सह विभागाध्यक्ष डॉक्टर केएन मिश्रा ने कही। एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर एनपी गुप्ता ने कहा स्तनपान से बच्चे का सर्वांगीण विकास होता है।

जो बच्चे मां का दूध पीते हैं, वह पूरी जीवन बहुत सारी बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिजवान हैदर ने कहा कि हमारे इतने प्रयास के बावजूद 1992 में जो स्तनपान दर 12 प्रतिशत था, आज किसी एक 58 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है। हमें लगातार इस बात की कोशिश करनी है कि इसे कम से कम से कम 80 प्रतिशत तक पहुंचा सके। इस कार्यक्रम में शिशु विभाग के सारे चिकित्सक, परिचारिकाएं, स्वास्थ्य प्रबंधक, भर्ती नवजातों की माताएं और परिजन शामिल हुए। इस वर्ष के स्तनपान सप्ताह की थीम है। स्तनपान की रक्षा करें, यह हमारा दायित्व है। सहायक प्रध्यापक डॉ. अमित कुमार नायक ने कहा कि स्तनपान जन्म के तुरंत बाद माताओं अपने बच्चों करनी है।

मां का दूध न सिर्फ बच्चे को बल्कि पिलाने वाली मां के लिए भी लाभदायक : डॉ. मोहन

डॉक्टर मोहन केजरीवाल ने कहा कि मां का दूध न सिर्फ बच्चे को बल्कि मां को और पर्यावरण के लिए भी लाभदायक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छात्र विभाग के प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश गिरी ने सारी माताओं को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित किया। शिशु विभाग के वरीय व कनीय चिकित्सक एवं परिचारिकाओं ने माताओं से स्तनपान की समस्याओं पर संवाद किया। उनकी समस्याओं का निदान उन्हें बताय। कार्यक्रम का संचालन चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश ने किया।कार्यक्रम में माताओं के अतिरिक्त डॉक्टर अमित, डॉक्टर अमरेश कुमार साहू, डॉ. आशुतोष कुमार, डॉक्टर विनीत, डॉक्टर विवेकानंद पाल, डॉक्टर वेद प्रकाश, डॉक्टर रश्मि झा, डॉक्टर अनीता, स्वास्थ्य प्रबंधक चंद्रलेखा कुमारी, सिस्टर चंदा कुमारी व अन्य ने भाग लिया।

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