इनसे सीखिए संक्रमण से बचना:14 माह से कोरोना पीड़ितों की जिंदगी बचाने में जुटे हैं

दरभंगा6 महीने पहले
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  • सही मायने में आज के हीरो ये डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन व एंबुलेंस चालक

सही मायने में आज के हीरो ये डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्नीशियन व एंबुलेंस चालक हैं। इनसे सीखिए कोरोना के बीच जीने की कला। साथ ही इनसे कोरोना संक्रमण से बचने का तरीका भी जानिए। आखिर ये कैसे एहतियात बरतते हैं जो संक्रमितों के बीच रहकर भी खूद संक्रमित नहीं होते हैं। और ये कोरोना वॉरियर अपनी जान की बाजी लगाकर पिछले 14 माह से कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाने में लगे हैं। ये एहतियात व सतर्कता बरतते हुए मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनके जीने के लाइफ स्टाइल ही बदल गए हैं।

रोज रात में हल्दी दूध का सेवन करता हूं : अकील

^मैं डीएमसीएच के आइसोलेशन में लगातार 1 वर्ष से कोरोना संदिग्ध मरीजों की आरटी पीसीआर जांच सैंपल लेता हूं। पीपीई किट व एन 95 मास्क लगाकर काम करता हूं। अपने को कोरोना से बचने के लिए गर्म पानी, नींबू पानी, काढ़ा व लहसुन का सेवन करता हूं। रात में हल्दी दूध का सेवन करता हूं।
-अकील अहमद, लैब टेक्नीशियन

​​​​​​​योगा कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हूं : स्वीटी

^डीएमसीएच के आइसोलेशन में लगातार 3 माह से कोरोना पॉजिटिव मरीजों का चिकित्सक की सलाह के अनुसार देखभाल करती हूं। ड्यूटी के दौरान अपने स्वास्थ पर भी ध्यान रखती हूं। योगा कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती हूं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों से मेरी अपील है कि घबराएं नहीं, सावधानी बरतें।
- स्वीटी कुमारी, स्टाफ नर्स

ड्यूटी से आने के बाद रोज स्नान करता हूं : फिरोज

​​​​​​​^जब से टीकाकरण शुरू हुआ है, तभी से लोगों को टीका दे रहा हूं। प्रतिदिन दो से ढाई सौ लोग को टीका देता हूं। इस दौरान अपना बचाव भी करता हूं। घर जाने के बाद स्नान करने के बाद ही अन्य कार्य करता हूं। सभी लोगों को मास्क लगाना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन करना चाहिए। बार बार हाथ धाेना चाहिए एवं टीका अवश्य लेना चाहिए।
-मो. फिरोज, स्टाफ मेल नर्स

मरीज को ढोने के दौरान सतर्क रहता हूं : प्रशांत

^एंबुलेंस से कोरोना पॉजिटिव मरीज को अस्पताल लाने और कोरोना आईसीयू व आइसोलेशन से पॉजिटिव के शव को ले जाने के दौरान पूरी सतर्कता बरतता हूं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों को लाने के अलावा मौत होने पर गंतव्य स्थान तक पहुंचाने तक सभी जवाबदेही का बखूबी निर्वहन करता हूं। मेरा सभी से अनुरोध है कि कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें।
-प्रशांत राजू, 102 एंबुलेंस के प्रबंधक

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