मौत:वीडियो जारी कर डीएमसीएच की पोल खोलने वाले युवक की मौत

दरभंगा6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
वीडियो जारी करते अजीत शर्मा और डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड का वीडियो क्लीप। - Dainik Bhaskar
वीडियो जारी करते अजीत शर्मा और डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड का वीडियो क्लीप।
  • इस मौत का कोरोना ही नहीं, डीएमसीएच की व्यवस्था भी जिम्मेदार, ...क्योंकि उसने साफ-सफाई और देखरेख पर उठाया था सवाल
  • वीडियो जारी होने के अगले ही दिन डीएमसीएच अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा ने प्रेस कांफ्रेंस कर व्यवस्था को दुरुस्त बताया था

डीएमसीएच के आइसोलेशन में 15 अप्रैल को भर्ती कराए गए सुपौल जिले के निर्मली निवासी एवं मधुबनी जिले के फुलपरास थाना के स्टाफ अजीत शर्मा ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। वहीं डीएमसीएच में दो अन्य और निजी अस्पतालों में तीन की भी मौत कोरोना से हो गई। सुपौल के अजीत शर्मा की कोरोना से मौत ने न सिर्फ डीएमसीएच प्रशासन, बल्कि जिला प्रशासन पर भी कई सवाल खड़ा कर दी है। क्योंकि आइसोलेशन में इलाज से असंतुष्ट अजीत शर्मा ने 23 अप्रैल की रात में वीडियो वायरल कर कहा था कि यहां की व्यवस्था ठीक नहीं है। समय पर नाश्ता व भोजन भी नहीं मिलते हैं। डॉक्टर का व्यवहार ठीक नहीं है। नाश्ते में दो ब्रेड मिलते हैं और शाम पांच बजे खाना मिलता है। सब्जी आलू व पत्तागोभी की बनी रहती है। उसने यह भी आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में प्रतिदिन 5 से 7 लोग मर रहे हैं। वह 9 दिनों से भर्ती है। आइसोलेशन में मरीजों को 15 दिनों तक रखा जाता है। उसने सरकार से आग्रह किया था कि यहां की व्यवस्था पर ध्यान दें। नहीं तो गलत व्यवहार व ठीक से इलाज नहीं होने पर मरीज मर जाएंगे।

हालांकि डीडीसी सह डीएमसीएच आइसोलेशन वार्ड के इंचार्ज तनय सुलतानिया ने उसके वायरल वीडियो की सभी आरोप को गलत करार दिए। वहीं अस्पताल अधीक्षक डॉ. मणिभूषण शर्मा ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि अजित शर्मा कोविड-19 पॉजिटिव हैं और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। उनकी ओर से एक वीडियो वायरल किया गया है, जो सत्य से परे है। उसका इलाज नियमित रूप से किया जा रहा है।

मधुबनी के फुलपरास थाने का जवान था अजीत शर्मा

कोविड मरीज अजित शर्मा का हुआ था बेहतर इलाज : प्रभारी अधीक्षक

डीएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक डॉ. ओपी गिरि ने कहा कि कोरोना पीड़ित अजीत शर्मा की मौत के संबंध में सोशल मीडिया की ओर से जो समाचार प्रसारित किए जा रहे हैं, वह सत्य से परे है। अजित शर्मा का इलाज डीएमसीएच के एचडीयू में नियमित रूप से किया गया है। 15 अप्रैल से वे इलाजरत थे। उन्हें कोरोना के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर एवं हाई ब्लड शुगर भी था। हाई ब्लड शुगर के लिए लगातार इंसुलिन दिया जा रहा था। डीएमसीएच के एचओडी एवं पीओडी मेडिसिन का कंसलटेशन भी दिया गया था।

चिकित्सकों की ओर से उनका नियमित रूप से चेक अप किया जाता रहा। इनका पल्स एवं एसओपी 2 ऑक्सीजन लेवल हमेशा नियंत्रण में रहा। 28 अप्रैल तक की सभी मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध हैं। लेकिन कोविड के साथ कोमोरबीडीटिज खासकर हाई ब्लड शुगर के कारण कार्डियो रिसपीरेटोरी फेल्योर के कारण मृत्यु हो गई। बेहद अफसोस है कि बेहतर प्रयास के बाद भी उन्हें नहीं बचाया जा सका और 28 अप्रैल की रात उनका देहांत हो गया।
जिले में फिर 6 की माैत, 125 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, 22 स्वस्थ भी हुए

जिले में कोरोना ने फिर 6 लोगों की जान ले ली। जिसमें डीएमसीएच में 3 एवं प्राइवेट अस्पताल में 3 की मौत हुई। दरभंगा में मरने वाले 4 लाेगाें में एक शहर के बड़े व्यवसायी के पिता बताए जाते हैं। वहीं जिले में 125 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। 22 लोग कोरोना से जंग जीत कर स्वस्थ हाेकर घर लाैटे। बताया जाता है कि डीएमसीएच के आइसोलेशन वार्ड में 103 एवं आईसीयू में 6 मरीज भर्ती हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 1063 मरीज एक्टिव हैं। इधर, पिछले 24 घंटे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के विभिन्न प्रखंडों में रैपिड एंटीजन किट से 1129 लोगों की जांच की गई, जिसमें 96 काेराेना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। सबसे अधिक पॉजिटिव मरीज बहेड़ी प्रखंड में पिछले एक सप्ताह से मिले हैं। बहेड़ी में 25, बेनीपुर में 16, अलीनगर में 12, सदर में 12, कुशेश्वरस्थान में 10, बहादुरपुर में 5, जाले में 4, केवटी में 2, सिंहवाड़ा, किरतपुर, बिरौल में एक-एक मरीज मिले।

फिर क्यों हुई युवक की मौत

डीडीसी का जवाब- अजीत शर्मा की मौत हृदय गति रुकने से हुई

सवाल : वीडियो वायरल करने वाले कोरोना पीड़ित की मौत हो गई। उनके आरोप को आप कितना सही मानते हैं?
जवाब : वीडियो वायरल करने वाले शख्स अजीत शर्मा की मौत दुखद है। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है। बुधवार की रात उनका ऑक्सीजन लेवलर 88 था। कोरोना से बचाव के सारे प्रयास किए जा रहे थे। मेडिकल टीम की रिपोर्ट आनी है। उसे मीडिया को दी जाएगी। वह व्यक्ति कोरोना के साथ-साथ डायबिटीज व बीपी के भी मरीज थे।
सवाल ;डीएमसीएच के अधीक्षक ने मृतक के सारे आरोप का खंडन किया था। इसे आप कितना सही मानते हैं?

जवाब: देखिए मैं प्रतिदिन कोरोना आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करता हूं। रोस्टर ड्यूटी के अनुसार सारे डॉक्टर जाते हैं। अजीत शर्मा ने भोजन सही नहीं देने का आरोप लगाया था। यह पूरी तरह से गलत था। कोरोना मरीजों के डायट चार्ट के अनुसार भोजन दिया जाता है। साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखा जाता है।
सवाल: आइसोलेशन की वर्तमान व्यवस्था से आप कितने संतुष्ट हैं?
जवाब :देखिए अभी विपदा का समय है। सरकार, प्रशासन व मेडिकल टीम लगातार यहां की व्यवस्था में सुधार में लगी हुई है। पूरी टीम का यह प्रयास रहता है कि कोई मरीज यहां भर्ती हो, तो वे खुश होकर घर लौटें। विभिन्न स्तर पर मॉनीटरिंग हो रही है। आपको कोई कमी की जानकारी है तो बताइए, उसमें सुधार किया जाएगा।

खबरें और भी हैं...