आयोजन:फल, सब्जी, फूल, मसाला व मशरूम की खेती कर खुद को करें विकसित

दरभंगा9 महीने पहले
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  • काला धान व काला गेहूं के स्टाॅल ने किसानाें काे खूब किया अाकर्षित

जिला कृषि कार्यालय परिसर में आयाेजित दाे दिवसीय कृषि मेला-सह-उद्यान प्रदर्शनी का रविवार काे समापन हाे गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडाें के करीब 400 किसानाें ने भाग लिया। किसानाें काे याेजना की जानकारी देने व खरीदारी के लिए करीब 25 स्टाॅल लगाए गए थे। काला धान व काला गेहूं का स्टाॅल लाेगाें काे काफी अाकर्षित किया। परियोजना निदेशक पूर्णेन्दु नाथ झा ने किसानों को विभिन्न योजनाओं से अवगत कराया एवं जलवायु परिवर्तन अनुकूल खेती की विशेषता और उसके अपनाने के तरीके पर परिचर्चा की। उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से जुड़कर अपना समग्र विकास कर सकते हैं।
मखाना एवं मछली का उत्पादन कर अपनी अाय बढ़ा सकते किसान : डाॅ. मनाेज कुमार
मखाना अनुसंधान केंद्र से आए मखाना वैज्ञानिक डॉ मनोज कुमार ने बताया कि मिथिला पान, मखाना और मछली उत्पादन के लिए नामी रही है। मखाना एवं मछली उत्पादन के लिए सरकार की अाेर से कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही है जिसका आप लोग अधिक से अधिक फायदा लेकर उसमें रुचि दिखाएं। उन्होंने कहा कि तकनीकी जानकारी के लिए किसान दिल्ली माेड़ स्थित मखाना अनुसंधान केंद्र आकर सलाह ले सकते हैं।

दो दिवसीय मेले में स्टाॅल लगाने वाले किसान को किया गया सम्मानित
स्टॉल लगाने वाले सभी किसानाें को जिला कृषि पदाधिकारी राधा रमण,आत्मा के परियाेजना निदेशक पीएन झा और संयुक्त निदेशक उद्यान आभा कुमारी ने सम्मानित किया। काला गेहूं, काला धान, मशरूम,मखाना,पान,शहद,कृषि यंत्र एवं सब्जी के करीब 25 स्टॉल लगाए गए थे। मेले मे लगाए स्टॉल में काला धान एवं काला गेहूं के स्टॉल लोगों के मुख्य आकर्षण का केंद्र था। मशरूम से तैयार विभिन्न व्यंजनों को भी लोगों ने खूब सराहा। पान-मखाना, शिमला मिर्च एवं शहद के उत्पादन के बारे में लाेगाेंे ने जानकारी ली। कृषि निदेशक उद्यान आभा कुमारी ने किसानाें काे मुख्यमंत्री बागवानी मिशन एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के बारे में जानकारी दी। उन्हाेंने किसानाें से कहा कि फलों, सब्जियों,फूलों, मसालों और मशरूम की खेती कर समग्र विकास की जा सकती है।

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