ये तस्वीर कब बदलेगी:6 घाटों पर हो रहा कटाव, नदियों में पिछले साल की तुलना में 3 फीट अधिक पानी

कुशेश्वरस्थान पूर्वीएक महीने पहले
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नदियों में हो रहे कटाव एवं जल स्तर अधिक रहने से इस बार छठ व्रतियों को पूजा करने में  परेशानी होगी। - Dainik Bhaskar
नदियों में हो रहे कटाव एवं जल स्तर अधिक रहने से इस बार छठ व्रतियों को पूजा करने में  परेशानी होगी।

प्रखंड के बाढ़ पीड़ितों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। नदियों में हो रहे कटाव एवं जल स्तर अधिक रहने से इस बार छठ व्रतियों को पूजा करने में परेशानी होगी। छह घाटों पर तेज गति से हो रहे कटाव से यहां पूजा करना मुश्किल है। क्योंकि 16 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक लगातार हुई तेज बारिश के कारण कोशी, कमला बलान तथा करेह नदियों के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई और पूरे प्रखंड में बाढ़ आ गई थी।

नदियों का पानी में धीरे धीरे कम जरूर हो रहा है लेकिन जितना कम होना चाहिए उतना नहीं हुआ है। अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में तीन फीट पानी अधिक है और सभी नदियों की जल धारा के बहने की रफ्तार अधिक है जिस कारण महा पर्व छठ पूजा में काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही सुरक्षा तथा सतर्कता भी अधिक रखनी पड़ेगी। नहीं तो किसी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

9 घाटों पर हो रहा तेज कटाव : कोशी व कमला बलान नदी की तेज धारा के कारण उसड़ी नदी घाट, हरिनाही नदी घाट, थरघटिया नदी घाट, बिसुनिया नदी घाट, जिमराहा नदी घाट, चौकिया नदी घाट, उजुआ कोला नदी घाट, छोटकी कौनिया नदी घाट व कौनिया कुन्जभवन नदी घाट पर कटाव हो रहा है।

अंचल प्रशासन के अनुसार शिवगंगा पोखर घाट, मध्य विधालय बालक पोखर घाट, अदलपुर पोखर घाट तथा केवटगामा पोखर घाट सहित 14 जगहों पर घाटों पर छठ पूजा होती आ रही है। लेकिन उसड़ी नदी घाट, हरिनाही नदी घाट, चौकिया, जिमराहा तथा बुढिया सुकरासी नदी घाट एवं सिमरटोका गईजोरी नदी घाट पर भी छठ पूजा होती है ।

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