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  • Even After The Order Of The High Court, The Education Workers Of The Affiliated Colleges Are Facing Financial Crisis, They Have Not Been Getting Grant For Years.

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कॉलेज के शासी निकाय की मनमानी:हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी आर्थिक तंगी झेल रहे संबद्ध कॉलेजों के शिक्षा कर्मी, सालों से नहीं मिल रहा है अनुदान

दरभंगा10 महीने पहले
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  • आमदनी के 70 प्रतिशत शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन देने में करते आनाकानी

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद संबद्ध कॉलेजों के शिक्षक एवं कर्मियों की स्थिति दयनीय बनती जा रही है। राज्य सरकार की ओर से 9 शैक्षिक सत्रों के अनुदान नहीं मिला है। साथ ही शासी निकाय की ओर से कॉलेज की आमदनी के 70 प्रतिशत राशि से वेतन भुगतान करने के सरकारी आदेश का अधिकांश काॅलेजों के शासी निकाय पर कोई असर नहीं पर रहा है। इधर,शिक्षक व कर्मी आर्थिक तंगी के कारण काल कवलित हो चुके हैं। जबकि, हाईकोर्ट ने 2018 एवं 2019 में अलग-अलग आदेश देते हुए लोक कल्याणकारी राज्य का दृष्टांत देकर सरकार को प्राथमिकता के स्तर पर इनकी आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने को का आदेश दे चुका है। फिर भी सरकार सिर्फ पत्र लिखकर खानापूरी करने में लगी है। 

क्या है वस्तुस्थिति 
साल 2018 में राज्य सरकार ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने के उद्देश्य से छात्रों की डिग्री के आधार पर इन्हें अनुदान देने का निर्णय लिया था। इसके तहत इन वित्त रहित शिक्षा का नाम बदलकर वित्त संपोषित कर दिया गया। लेकिन, सरकार कभी भी इनका वित्त संपोषण नहीं कर सकी। लाचारी में शिक्षाकर्मियों को हाईकोर्ट जाना पड़ा। क्योंकि, अभी तक सरकार मात्र 2014 तक की अनुदान राशि इन्हें दी है। इस संबंध में 23 अप्रैल 2018 को नंद कुमार एवं अन्य एवं 16 सितंबर 2019 को डॉ. जयंत कुमार एवं अन्य के मामले में न्यायाधीश ने राज्य सरकार को संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय स्थिति पर ध्यान देने का आदेश दिया था।

इन दोनों आदेशों के आधार पर शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सतीश चंद्र झा एवं उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी के माध्यम से सभी विवि के कुलसचिव को पत्र लिखकर हाईकोर्ट और सरकार के आदेश को अक्षरस: पालन करने का निर्देश दिया था। लेकिन, इस पर कॉलेज के सचिव व प्रधानाचार्य को मात्र पत्र लिखकर विवि प्रशासन भी निश्चिंत है। अभी तक उस आदेश का आंशिक रूप से भी पालन नहीं हो सका है। जिसके कारण कोविड-19 की स्थिति में भी इन शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े संघ एवं महासंघ के नेता आंदोलन करने की तैयारी में लग चुके हैं।

शिक्षा कर्मियों का किया जा रहा है शोषण : प्रो. सुनील
बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष प्रो. सुनील कुमार चौधरी कहते हैं कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद राज्य सरकार सिर्फ खानापूरी कर रही है। शिक्षाकर्मियों का शोषण हो रहा है। शासी निकाय के लोग सभी राशि डकारने में लगे हैं। इन पर विवि प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। इसलिए अब आंदोलन एकमात्र रास्ता बचा है। शिक्षाकर्मियों में काफी आक्रोश है। 
हाईकोर्ट व सरकार के निर्देश का होगा पालन : कर्नल निशीथ कुमार राय 
एलएनएमयू के कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने कहा कि विवि प्रशासन को सब पत्र मिल चुका है। हम समय पर शासी निकाय के सचिव एवं प्रधानाचार्य को पत्र लिखा चुके हैं। कोविड-19 के कारण इस पर समीक्षा बैठक नहीं हो सकी है। लेकिन, शिक्षाकर्मियों की परेशानी को देखकर इस पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। प्रयास शुरू है। हाईकोर्ट और सरकार के निर्देश का 
पालन होगा।

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