पहल:पांडुलिपियों काे संग्रहकर उसे संरक्षित करने के लिए विशेषज्ञ ने लिया जायजा

दरभंगा2 महीने पहले
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  • केएसडीएसयू व मिथिला शोध संस्थान में रखी है दुर्लभ पांडुलिपियां

महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय की ओर से पांडुलिपियों का संग्रह व संरक्षण करने के महीनाें का प्रयास में शनिवार को एक सफलता की एक सीढ़ी चढ़ने का मौका मिल गया। इसमें मिथिला के शैक्षणिक संस्थानों व पंजिकारों के पास सालों से बर्बाद हो रही इन पांडुलिपियों का संरक्षण इंटैक, दिल्ली के माध्यम से होना है। इसके संरक्षण के लिए इंटैक ने 15 लाख रुपए की स्वीकृति दे रखी है। संग्रहालयाध्यक्ष डाॅ. शिव कुमार मिश्र ने बताया कि आज वरिष्ठ इतिहासकार डाॅ. अवनींद्र कुमार झा से कुछ दुर्लभ पांडुलिपियों को प्राप्त कर यह शुभारंभ किया गया है। डाॅ. झा के पूर्वज पंडित बबुआजी झा लिखित ज्योतिष के कुछ महत्वपूर्णग्रंथ आज संग्रहालय को प्राप्त हो गया। कुछ पंजियारों ने भी अपने दुर्लभ पांडुलिपि संग्रहालय को प्रदान करने का निर्णय लिया है। डॉ. मिश्र ने बताया कि दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए लखनऊ की टीम मिथिला शोध संस्थान, केएसडीएसयू समेत कई पंजियारों के यहां निरीक्षण किया है। पांडुलिपि संरक्षण के विशेषज्ञ सुरेश बहादुर सिंह ने इन सब जगहों में फोटोग्राफी कर सबकी लंबाई-चौड़ाई आदि का माप लिया है।

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