एफआईआर दर्ज / भूमि विवाद में यातायात सिपाही को फंसाने के मामले में एफआईआर दर्ज

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दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

दरभंगा. भूमि विवाद को लेकर यातायात थाना के हाेमगार्ड जवान अशोक पासवान को फंसाने के लिए एसएसपी से लेकर डीजीपी तक के नकली हस्ताक्षर कर पत्र निर्गत करने का मामला प्रकाश में आया है। शराब गांजा धंधा करने वाले लोगों से प्रतिमाह दो लाख रुपए देने के लिए बाध्य कर रहे थे। सिपाही अशोक पासवान जो लक्ष्मीसागर निवासी है। उनसे कुछ माह पूर्व जमीन जायदाद को लेकर वरीय अधिवक्ता विश्वनाथ कपड़ी एवं उनके पुत्र बॉबी कपड़ी से बता बाती हुई थी।

उसी का बदला लेने के लिए वरीय अधिवक्ता ने सिपाही अशोक पासवान पर दारोगा बनने की बात कर शराब माफियाओं से हर महीने अब 2 लाख रुपए देने की बात कही गई थी। जिसकी शिकायत एसएसपी बाबू राम को पत्र के माध्यम से दो से तीन बार किए थे। वही डीजीपी बिहार गुप्तेश्वर पांडेय के हस्ताक्षर से एक पत्र मिथिला क्षेत्र के तीनों एसपी को भेजा गया था जिसमें कहा गया था कि अशोक पासवान को दारोगा पद पर नियुक्ति की गई है इनसे दारोगा का कार्य लिया जाए।

पत्र प्राप्त होते हैं एसएसपी ने लहेरियासराय थाना अध्यक्ष एचएन सिंह को मामले की तहकीकात करने के लिए निर्देश दिया था। थानाध्यक्ष एचएन सिंह ने बताया कि उक्त पत्र वरीय अधिवक्ता विश्वनाथ कपड़े के द्वारा स्वयं कोर्ट कैंपस में टाइप करने वाले पत्र टाइप करवा कर भेजा करते थे। इस तरह के अनैतिक कार्य में उनका ड्राइवर दिलीप पासवान का भी सन लिप्त पाया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि कोर्ट कैंपस 9 टाइपिंग से पूछताछ के दौरान पंकज मिश्रा ने बताया कि बड़ी अधिवक्ता के निर्देश पर उन्होंने इस पत्र को टाइप किया था।

एसएसपी के निर्देश पर सिपाही अशोक पासवान ने लहेरियासराय थाने में मामला दर्ज करवाया था। वहीं थानाध्यक्ष ने बताया कि विश्वनाथ कपड़ी से एवं उनके चालक दिलीप पासवान से कई मुकदमे भी चल रहे हैं। यहां तक की वरीय पदाधिकारियों के हस्ताक्षर से दरभंगा व्यवहार न्यायालय के न्यायिक दंडाधिकारी को भी पत्र भेजा गया था अशोक पासवान को फंसाने के लिए। अशोक पासवान ने एफआईआर में लिखा है कि उनके दामाद मनोज पासवान को भी इन लोगों के द्वारा गलत तरीके से फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।

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