पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

आफत:तटबंध से सटे गांवों और निचले भागों में लगा बाढ़ का पानी, लाेगाें का बाहर निकलना हुआ मुश्किल

दरभंगा25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं लाेग, सभी तटबंधाें पर प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
Advertisement
Advertisement

लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से जिले के कई प्रखंडों में बाढ़ का खतरा गंभीर रूप से मंडराने लगा है। पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जिस कारण जिले के कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी घुस गया है। खासकर नदियों की तटबंध से सटे गांवों व टोले के निचले भागों में बाढ़ के पानी से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। दैनिक उपयोग की कुछ दिनों की सामान लोगों ने तो घर में जमा कर रखी है लेकिन मवेशियों के चारे के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों की सड़क संपर्क टूट चुकी है और आने जाने का एकमात्र साधन नाव रह गया है। घनश्यामपुर में कमला नदी में तीन दिनों से जारी जलवृद्धि अभी भी जारी है।

बढ़ते जलस्तर के कारण अब पश्चिमी तटबंध पर पानी का दबाब अत्यधिक बढ़ गया है। स्थानीय स्तर पर आपदा प्रवंधन विभाग के साथ साथ तटबंध के आस पास बसे गांव के लोग भी बांध पर चौकसी बरत रहे है। तटबंध सुरक्षा से जुड़े अभियंता अश्वनी कुमार ने कहा कि जलस्तर में वृद्धि जारी है पर हमलोग किसी भी स्थिति से निपटने के लिये पूरी तरह तैयार है। पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध के मध्य बसे बाउर, नवटोलिया, गिद्धाटोल, वैद्यनाथपुर एवं दर्जिया गांव के घरों में पानी घुसने से लोग एवं मवेशियों की परेशानी बढ़ गयी है। लोग गांव से निकल कर तटबंध पर बसेरा लेने लगे है। पश्चिमी तटबन्ध पर 64 से 76 किलोमीटर के बीच लगभग दस जगहों पर हो रहे सिपेजिंग कि समस्या के चलते तटबन्ध के टूटने के संभावना बढ़ गयी है।

हालांकि प्रशासन की ओर से सभी सिपेजों से हो रहे जल रिसाव को नियंत्रित किया जा रहा है। लेकिन लगमा और कुमरौल गांव के सामने हो रहे जल रिसाव से अधिक परेशानी हो रही है। प्रखंड आपदा पदाधिकारी दिना नाथ कुमार ने कहा कि तटबंध के भीतर बसे गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है। जिन गांवों में पानी प्रवेश कर चूका है वहां सामुदायिक रसोई आरम्भ कर दी गई है। पर्याप्त संख्या में नाव का भी संचालन किया जा रहा है। 

अरई, सढ़वाड़ा, बरहुलिया, सिमरी के चमनपुर और सिंहवाड़ा दक्षिणी में घुसा पानी

बागमती नदी की उपधारा अरई धार नदी, खिरोई व बुढनद नदी उफान पर है। जलस्तर बढ़ने से नदी के जल क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा है। जिससे अरई, सढ़वाड़ा, बरहुलिया, सिमरी के चमनपुर व सिंहवाड़ा दक्षिणी पंचायत के पश्चिमी भाग के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है।बरहुलिया व चमनपुर गांव के निचले इलाके में सोमवार को बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया। मुजफ्फरपुर जिला की सीमा से सटे कटासा व मनिकौली पंचायत के पश्चिमी भाग के अलावा शंकरपुर पंचायत के पिपरा में कटरा की ओर से बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

अतरबेल विशनपुर पथ पर बिरदीपुर त्रिमुहानी के निकट पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान हुए कटाव स्थल के पास पानी का रिसाव शुरू हो गया है। पिछले वर्ष 2019 में आई बाढ़ के दौरान इस सड़क पर करीब 50 मीटर की दूरी में सड़क पानी मे बह गई थी। ह्यूम पाइप लगाने के दौरान ग्रामीणों के विरोध पर ह्यूम पाइप की जगह बाद में उस जगह को ईंट डालकर भर दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि आनन-फानन में ईंट भरकर विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया। मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने के कारण इस वर्ष फिर से उस जगह पर रिसाव शुरू हो गया है।

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज किसी की मध्यस्थता द्वारा हल मिलने की पूरी संभावना है। अपने व्यवहार को सकारात्मक व सहयोगात्मक बनाकर रखें। परिवार व समाज में आपकी मान प्रतिष...

और पढ़ें

Advertisement