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कार्रवाई:निगरानी जांच में दो शिक्षकों के इंटरमीडिएट का प्रमाणपत्र फर्जी, दोनों पर एफआईआर

दरभंगा20 दिन पहले
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बहादुरपुर प्रखंड के बलुआही उत्क्रमित मध्य विद्यालय में लगा बाढ़ का पानी। - Dainik Bhaskar
बहादुरपुर प्रखंड के बलुआही उत्क्रमित मध्य विद्यालय में लगा बाढ़ का पानी।
  • बहादुरपुर प्रखंड के सुरेश पासवान व बेनीपुर प्रखंड की बेबी कुमारी का नाम शामिल

फर्जी प्रमाणपत्र को आधार बनाकर शिक्षक बने दो लोगों पर फिर निगरानी अन्वेषण ब्यूरों की टीम ने एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें एक बहादुरपुर प्रखंड के प्रावि बलुआही ओझौल के सुरेश कुमार पासवान एवं बेनीपुर प्रखंड के प्रावि नदियार बलनी की बेबी कुमारी का नाम शामिल है। इन दोनों शिक्षकों के इंटर का प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। इससे पहले भी बहेड़ा, बहेड़ी और बिरौल प्रखंड के एक-एक शिक्षकों का प्रमाणपत्र निगरानी जांच में फर्जी होने पर केस दर्ज कराया गया था। निगरानी की इस कार्रवाई से कई वैसे शिक्षकों के गले सूखने लगे हैं, जिनके नियोजन में कोई-न-कोई त्रुटियां हैं। मालूम हो कि 2006 से 2015 तक विभिन्न नियोजन ईकाइयों में हुई बहाली में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा था। आरोप-प्रत्यारोप की सुनवाई से तंग होकर पटना हाई कोर्ट ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से 2006 से 2015 तक नियोजित शिक्षकों के फोल्डरों की जांच करने का आदेश दिया था। जिले में 2016 से ही जांच चल रही है। लेकिन जांच में तेजी 2017 के आखरी महीने में आई। शुरुआती दिनों में नियोजन ईकाइयों ने फोल्डर जमा करने में लापरवाही दिखाई। उसके कारण 109 पंचायत सचिवों पर केस भी किया गया। तब जाकर नियोजन ईकाइयों शिक्षा विभाग को फोल्डर हस्तगत कराना शुरू किया।

1450 शिक्षकों के फोल्डर त्रुटिपूर्ण, लौटाए जा चुके हैं
निगरानी की जांच से लौटाए गए 1450 शिक्षकों के फोल्डरों में सदर, नगर एवं अलीनगर प्रखंड में बहाल हुए सभी शिक्षक शामिल हैं। नियोजन इकाइयों की नाकामियों के कारण शिक्षकों पर खतरे की तलवार लटकी हुई है। नियोजन इकाइयों ने फोल्डरों की निगरानी जांच के लिए अभ्यर्थियों की अंतिम मेधासूची एवं रोस्टर प्वांइट जांच नहीं की। जिसके कारण निगरानी टीम ने फोल्डरों को अधूरा बताकर कई बार लौटाया। अंत में शिक्षा विभाग ने बीच का रास्ता निकालते हुए सभी 1450 शिक्षकों की सूची पाेर्टल पर डाल दिया। शिक्षकों को कहा गया कि जिनका नाम पोर्टल पर अपलोड है वह अपने प्रमाण पत्र एवं अन्य दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें। लेकिन इसमें भी कई ऐसी त्रुटियां थी जिसका निराकरण नहीं हो पाया है। जिले में अब भी करीब 50 एेसे शिक्षक हैं जिनको अपनी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए सही ऑप्शन नहीं मिल रहा है।

^निगरानी टीम ने जांच इंटर का प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर दो शिक्षकों पर केस दर्ज कराया है। दोनों शिक्षक प्राथमिक स्कूल के है। बहादुरपुर के सुरेश पासवान आैर बेनीपुर प्रखंड की बेबी कुमारी के नाम प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
-संदीप रंजन, डीपीओ स्थापना

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