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हड़कंप:दरभंगा जंक्शन पर हुए ब्लास्ट को आतंकी गतिविधियों से जोड़कर की जा रही जांच

दरभंगाएक महीने पहले
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दरभंगा जंक्शन पर ब्लास्ट के बाद एफएसएल की टीम जांच करते हुए - Dainik Bhaskar
दरभंगा जंक्शन पर ब्लास्ट के बाद एफएसएल की टीम जांच करते हुए
  • जांच एजेंसियों में मची खलबली, आईजी सहित एफएसएल टीम भी पहुंची

दरभंगा जंक्शन के प्लेट फॉर्म संख्या एक पर गुरुवार की दोपहर बाद कपड़े की गठड़ी में धुंआ के साथ ब्लास्ट होने की घटना को लेकर शुक्रवार को सनसनी फैल गई। इस मामले में कई टीम जांच में जुटी है। जांच को लेकर जहां जीआरपी, आरपीएफ, जिला पुलिस, एफएसएल, आईबी और एटीएस लगी है, वहीं दूसरी ओर शाम में आईजी अजिताभ कुमार ने भी इकसी जांच की। उन्होंने बताया कि एटीएस की टीम पहुंच रही है। मुजफ्फरपुर से एफएसएल की टीम भी जांच के लिए सैंपल ली है। वहीं आईबी के अधिकारी भी जंक्शन पर दोपहर से ही नजर आए। आईजी ने कहा कि यह मामला गंभीर है और इसीलिए इसे गहनता से जांच की जा रही है। ब्लास्ट कोई बड़ा नहीं था, मगर कपड़े की गठड़ी में एक छोटी-सी बोतल में केमिकल छुपाकर यहां भेजना और स्पष्ट नाम पता नहीं होना, यह संदिग्ध बना है। उन्होंने पूर्व के आतंकी घटनाओं के सवाल पर कहा कि उस दृष्टिकोण से भी छानबीन कराई जा रही है। पार्सल बुकिंग पर मोबाइल फोन फर्जी : पार्सल भेजने वाले ने मो. सूफियान के नाम से पार्सल भेजा और उस पार्सल पर जो वारकोड व मोबाइल नंबर था, वह सभी फर्जी थे। यह मोबाइल नं. मो. आरिफ के नाम से है। वह देहरादून में रहता है। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि इस मामले से उसका कोई संबंध नहीं है। वहीं, जांच के लिए जीआरपी थानाध्यक्ष मो. हारून रशीद सिंकदराबाद स्टेशन पहुंच कर जांच में जुट गए हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार हैदराबाद से कपड़े की खरीद गई थी। पार्सल भेजने वाले और पाने वाले का नाम मो. सूफियान यानी एक ही है।

अगर ब्लास्ट ट्रेन में होती तो अफरा-तफरी में हो जाते कई जख्मी, सिकंदराबाद गई पुलिस

यह ब्लास्ट ट्रेन में न होकर प्लेट फॉर्म वन के ब्रिज के नीचे हुआ। आईजी ने भी कहा कि कपड़े की गठरी रखने के साथ ही वह ब्लास्ट हुआ, मगर कोई हताहत नहीं हुआ। गठड़ी में केमिकल छुपाकर भेजना संदिग्ध बना है। हालांकि उन्होंने कहा कि रेलवे एसपी अशोक कुमार, रेलवे डीएसपी नवीन कुमार मिश्रा, आरपीएफ के साथ जिला पुलिस भी जांच कर रही है। एफएसएल की रिपोर्ट भी जांच के लिए काफी जरूरी है। यहां के अधिकारी जांच के लिए सिकंदराबाद निकल चुके हैं। मालूम हो कि सिकंदराबाद ट्रेन दरभंगा प्लेट फॉर्म नं. दो पर पहुंची। वहां से कुछ कपड़ों की गठरी लेकर प्लेट फॉर्म नं. वन पर पहुंचाया गया और उस गठरी को ब्रिज के नीचे रख दिया, जहां वह ब्लास्ट कर गई।

आतंकियों का सेफ जोन रहा है दरभंगा, इसके कई उदाहरण

दरभंगा आतंकियों का सेफ जोन रहा है। मुंबई एटीएस, एनआईए सहित विभिन्न जांच एजेंसी पूर्व में यहां कैम्प कर कई संदिग्ध को उठा चुकी है। आईएम का प्रमुख यासिन भटकल दरभंगा में भी अपना ठिकाना बनाए रखा था। इसके कई साथी समस्तीपुर कल्याणपुर के तहसीम अख्तर उर्फ माेनू दरभंगा में ही रहता था। इसके साथ रहने की वजह से 2013 में लहेरियासराय थाना क्षेत्र से मो. दानिश की गिरफ्तारी और भटकल को यहां लाकर एनआईए की विशेष टीम ने जांच किया था।

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