मजदूराें ने अपना दर्द सुनाया / मजदूराें ने कहा- मकान मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर घर से निकाल दिया, कई दिन भूखे ही रहे

दिल्ली से साइकिल से पूर्णिया जाने के दौरान मनीगाछी में प्रवासी मजदूर। दिल्ली से साइकिल से पूर्णिया जाने के दौरान मनीगाछी में प्रवासी मजदूर।
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दिल्ली से साइकिल से पूर्णिया जाने के दौरान मनीगाछी में प्रवासी मजदूर।दिल्ली से साइकिल से पूर्णिया जाने के दौरान मनीगाछी में प्रवासी मजदूर।

  • दिल्ली से साइकिल से पूर्णिया जा रहे मजदूरों ने एनएच-57 पर भट्टपुरा गांव के पास अपना दर्द बताया

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

दरभंगा. पूर्णिया जिला के जलालगढ प्रखंड के सरसौनी गांव के परमेश्वर सदाय, गुजाई सदाय, रीतलाल पासवान सहित आधा दर्जन मजदूर दिल्ली से साईकिल से अपने गांव जा रहे थे। इन मजदूरों ने एनएच 57 स्थित भट्टपुरा गांव में महावीर जी स्थान में चापाकल देख अपनी साईकिल रोकी इसी दाैरान उन्हाेंने अपना दर्द सुनाया। बताया कि  दिल्ली के नागलोई स्थित प्रेमनगर में दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करते थे। अचानक मार्च में लाॅकडाउन के बाद काम बंद हो गया। 10 दिन तक जैसे-तैसे गुजारा किया। कई दिनाें तक भूखे रहने के बाद जीवन से निराश हो चले थे। इसी बीच मकान मालिक ने घर खाली करने व मकान किराया देने का दवाब बनाने लगे। एक दिन रात के दो बजे मकान मालिक के साथ पुलिस कमरा पर आ धमकी। कहा कि तुमलोग घर जाओ, तुमलोगों को गांव जाने के लिए सरकार ने व्यवस्था कर दी है। इतना कहते ही मकान मालिक ने कमरा में ताला लगा दिया। हमलोगों बीच सड़क पर असहाय खड़ा ही थे कि तब तक मुहल्ले में किराए के मकान में रह रहे सैकड़ों की संख्या में मजदूर वहां इकट्ठा हो गए। सभी का एक ही जैसा हाल था। लोगों ने वहां मौजूद पुलिस से गुहार लगाई लेकिन कोई पुलिस मदद के लिए आगे नहीं आई। वहां ज्यादातर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड एवं उत्तराखंड के मजदूर थे। जिसके बाद हमलोग साइकिल से ही चल दिए।

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